यूनियन बैंक को उपभोक्ता को समय पर एफडीआर का भुगतान न करने पर 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में देने होंगे। जिला उपभोक्ता फोरम ने तीन दिन के भीतर उपभोक्ता महिला को क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए हैं।
ब्याज के साथ देनी होगी धनराशि
बल्लूपुर रोड निवासी शैल बाला ने जिला उपभोक्ता फोरम में दर्ज कराई शिकायत में कहा कि उसने वर्ष 1995, 1996 और 1997 में दस-दस हजार रुपये की तीन एफडीआर कराई थी, जिसकी मूल प्रतियां बैंक को दी गई, लेकिन बैंक ने इसका भुगतान नहीं किया।
बैंक की ओर से जिला उपभोक्ता फोरम को बताया गया कि महिला को दो एफडीआर का भुगतान किया जा चुका है, वहीं एक अन्य का भुगतान किया जा रहा है। दोनो पक्षों को सुनने के बाद जिला उपभोक्ता फोरम ने अपने फैसले में कहा कि बैंक ने सेवा में कमी की है।
बैंक तीस दिनों के भीतर महिला को क्षतिपूर्ति और वाद व्यय दे। ऐसा न करने पर बैंक को आठ फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ यह धनराशि देनी होगी।
बीमा कंपनी को लौटानी होगी धनराशि
चक जोगीवाला देहरादून निवासी रणवीर सिंह ने जिला उपभोक्ता फोरम में की शिकायत में कहा कि पंकज वालिया ने खुद को रिलायंस लाईफ इंश्योरेंस कंपनी का जनरल मैनेजर बताकर संपर्क किया और उनसे 46 हजार 620 रुपये का भुगतान प्राप्त किया, लेकिन धनराशि प्राप्त करने के बावजूद उसे कोई पॉलिसी नहीं मिली।
जिला उपभोक्ता फोरम ने मामले में बीमा कंपनी को उपभोक्ता से ली धनराशि लौटाने एवं वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये देने के आदेश दिए।