वेतन समझौते को लागू किए जाने की मांग को लेकर बैंककर्मी आने वाली 20-21 जनवरी को हड़ताल पर रहेंगे, लेकिन उनकी इस दो दिन की हड़ताल का असर चार दिन रहने वाला है।
इसकी वजह यह है कि 19 जनवरी को रविवार के चलते अवकाश रहेगा, जबकि 18 जनवरी शनिवार को केवल आधा दिन काम होगा।
एटीएम भी शामिल
आम आदमी को इस हड़ताल से दिक्कत इसलिए भी ज्यादा रहने वाली है, क्योंकि एटीएम आपरेशन भी इसमें शामिल रहेगा। एटीएम में कैश केवल शनिवार दोपहर तक भरवाया जा सकेगा। हर एटीएम की अपनी क्षमता है।
ट्रांजेक्शन कुछ इस कदर है कि दून के ज्यादातर एटीएम छह घंटे में खाली हो जाते हैं। ऐसे में लोगों के पास एक ही विकल्प है कि वह एटीएम से पहले ही खासी नगदी निकाल अपने पास रखें। अन्यथा तीन दिन लोगों को उधार लेकर भी काम चलाना पड़ सकता है।
छह जनवरी को प्रदर्शन
करेंसी चेस्ट सीमित होने से निजी बैंकों का काम-काज भी प्रभावित होगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन, जिसके बैनर तले यह हड़ताल हो रही है, के संयोजक जगमोहन मेहंदीरत्ता के अनुसार वेतन समझौते के साथ ही निजी बैंकों को लाइसेंस मुहैया कराए जाने के विरोध में इससे पहले छह जनवरी को राजपुर रोड पर शाम पांच बजे मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि 10 जनवरी को गांधी पार्क तक रैली निकाली जाएगी।