अगर किसी दिन आपकी मर्जी बगैर मोबाइल पर लगाई बैंक एसएमएस अलर्ट सर्विस डिएक्टिवेट हो जाए तो सावधान हो जाएं।
एक्टिवेट करने के नाम पर ठग
इन दिनों इस तरह के चूना लगाने वाले सक्रिय हैं, जो ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड के जरिए इस सेवा को एक्टिवेट करने के नाम पर ठग रहे हैं।
यह ठग खुद को बैंक से बताते हुए सर्विस एक्टिवेट करने के लिए एक फर्जी एसएमएस भेजते हैं, ग्राहक से पूछा जाता है कि क्या यह आपके एकाउंट का सही पासवर्ड है? जैसे ही आप अपना सही पासवर्ड लिखकर भेजते हैं तो यह ट्रैक हो जाता है।
ग्राहकों से होशियार रहने को कहा
इसके बाद इस पासवर्ड का सहारा लेकर यह ठग ग्राहक के खाते को ट्रैक कर लेते हैं। इस संबंध में खुद बैंकों ने चेतावनी जारी की है।
बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई समेत कई बैंकों ने अपनी वेबसाइट पर ग्राहकों से होशियार रहने को कहा है। डीआईजी (गढ़वाल रेंज) अमित सिन्हा भी इस तरह के केसेज होने की बात दोहराते हैं।
एसएमएस अलर्ट सर्विस एक्टिवेशन के लिए कभी भी ग्राहक से उसका पासवर्ड नहीं पूछा जाता। इसके लिए केवल माता या पिता का नाम पूछा जाता है। ग्राहक ध्यान रखें।
- अमित मित्तल, आरएमएम, बैंक आफ बड़ौदा