उच्च न्यायालय का अंतिम फैसला आने तक प्रदेश सरकार की दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतनमान, अंशकालिक तदर्थ रूप से नियुक्त कार्मिकों के विनियमितीकरण नियमालवली 2013 पर रोक रहेगी।
कार्मिक विभाग ने सभी विभागों व जिलाधिकारियों को न्यायालय के आदेश के आलोक में कार्रवाई करने को कहा है। इस संबंध में विभाग के अनुसचिव अजीत सिंह की ओर से सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, प्रभारी सचिवों, मंडलायुक्तों, सचिव लोकसेवा आयोग, सचिव अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, सभी विभागाध्यक्षों व सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।
पत्र में नरेंद्र सिंह बनाम उत्तराखंड सरकार एवं अन्य के संबंध में उच्च न्यायालय के 11 दिसंबर के आदेश का उल्लेख है। आदेश में 2013 की विनियमितीकरण नियमावली के आधार पर 10 दिनों विनियमितीकरण न करने के आदेश पारित किए गए थे। 14 दिसंबर को इस याचिका पर सुनवाई हुई थी।
इस संबंध में उपमहाधिवक्ता शैलेंद्र सिंह चौहान के उस पत्र का जिक्त्रस् है, जिसमें 2013 की विनियमितीकरण नियमावली को स्थगित कर दिए जाने की सूचना दी गई है। सभी प्रशासनिक विभागों व संस्थाओं के सचिवों, आयुक्तों, विभागाध्यक्षों व जिलाधिकारियों को न्यायालय के आदेश के आलोक में कार्रवाई करने को कहा गया है।