वहीं, मसूरी भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं सईद बाबा बुल्लेशाह समिति के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि मजार सरकारी जमीन पर नहीं है। मुख्य मजार करीब 100 साल पुरानी है। उन्होंने कहा कि समिति के पास अभी मजार के कोई दस्तावेज नहीं हैं। दस्तावेज तलाशे जा रहे हैं। जो लोग विरोध कर रहे हैं वह उनकी सोच है। इस दौरान बजरंग दल के नगर मंत्री अनिल वर्मा, आदर्श शर्मा आदि मौजूद रहे।
स्कूल प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। प्रबंधन ने लिखित जवाब में बताया कि मजार स्कूल की निजी जमीन पर बनी है। हालांकि स्कूल प्रबंधन की ओर से मजार के संबंध में कोई अभिलेख नहीं दिया गया है। कहा है कि नगर पालिका अपने अभिलेख देखकर बता सकती है कि मजार कितनी पुरानी है। मामले में जांच की जा रही है।
- अमित कंवर, डीएफओ, वन विभाग
मौके पर वन विभाग, राजस्व, नगर पालिका, पुलिस की टीम पहुंची और मामले की जांच की गई है। वाइनबर्ग एलन स्कूल के प्रतिनिधि का कहना है कि स्कूल की सहमति से जमीन मजार बनाने के लिए दी गई है।
- उपेंद्र राणा, नायब तहसीलदार
सभी विभागों ने सर्वेक्षण किया है। स्कूल प्रतिनिधि का कहना है कि स्कूल के पास जमीन के दस्तावेज हैं लेकिन मजार के कोई दस्तावेज नहीं हैं।
- अनिरुद्ध सिंह चौधरी, कर अधीक्षक, नगर पालिका