फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bageshwar: जान पर बन आई तो भालू से भिड़ा 70 साल का बुजुर्ग, धारदार हथियार से किया वार, अस्पताल में भर्ती

Wed, 30 Nov 2022 07:09 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, धरमघर(बागेश्वर)

सार

पनाड़ी निवासी भगत सिंह कोरंगा (70) पुत्र दान सिंह बुधवार की सुबह करीब सात बजे चीड़ के छिलके लेने के लिए जंगल जा रहे थे। इसी बीच भालू ने बुजुर्ग पर हमला कर दिया।
विज्ञापन
भालू के हमले में घायल बुजुर्ग को अस्पताल ले जाते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भालू ने चुचेर के जंगल में 70 वर्षीय बुजुर्ग पर हमला कर दिया। जान पर बन आई तो बुजुर्ग भालू से भिड़ गए। उन्होंने बड़्याठ (धारदार हथियार) से वार कर भालू को भगाया। उनका जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार किया गया। 

विज्ञापन

 
दोस्त निकले कातिल:  बेरहमी से चेहरा पत्थर से कुचल शव जंगल में फेंक दिया, धोखेबाज साथियों ने दी ऐसी खौफनाक मौत

चुचेर (पनाड़ी) निवासी भगत सिंह कोरंगा (70) बुधवार की सुबह करीब सात बजे चीड़ के छिलके लेने के लिए जंगल जा रहे थे। इसी बीच भालू ने उन पर हमला कर दिया। भालू ने उनका सिर बुरी तरह से नोच डाला। जान जोखिम में होने के बाद भी भगत सिंह  ने हिम्मत नहीं हारी। हाथ में पकड़े बड़्याठ से उन्होंने भालू पर वार कर दिया। हमले से घबराया भालू जंगल में भाग गया। 
विज्ञापन


गंभीर रूप से जख्मी होने पर भगत सिंह जंगल में ही बैठ गए। जंगल में मौजूद अन्य लोगों की नजर उन पर पड़ी तो जिला अस्पताल ले जाया गया। अब उनकी हालत खतरे से बाहर है। वन रेंजर प्रदीप कांडपाल ने उनके इलाज के लिए 10,000 रुपये की तात्कालिक सहायता प्रदान की है। 

चुचेर के जंगल में दिखाई दे रहे हैं दो भालू
चुचेर के लोगों ने बताया कि जंगल में अक्सर दो भालू दिखाई दे रहे हैं। बुजुर्ग को जंगल से ला रहे ग्रामीणों के वायरल वीडियो में भी इस बात का जिक्र है। ग्रामीणों ने वन विभाग से भालुओं के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। 
विज्ञापन


तीन घंटे की देरी से पहुंची 108
बुजुर्ग के जख्मी होने के बाद गांव के लोगों ने 108 सेवा को सुबह आठ बजे फोन कर दिया था लेकिन  एंबुलेंस सुबह 11 बजे पहुंची। 108 एंबुलेंस के क्षेत्र में उपलब्ध न होने पर पिथौरागढ़ जिले के थल से भेजा गया। एंबुलेंस आने में देरी हुई तो ग्रामीण निजी वाहन से अस्पताल लाए। तत्काल 108 सेवा न मिलने पर लोगों में रोष देखा गया। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें