उत्तराखंड में तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश से चमोली जिले के साथ ही रुद्रप्रयाग में भी बदरीनाथ हाईवे नदी में समा गया। बारिश के कारण लोगों को परेशानियों से भी दो चार होना पड़ा।
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इसके साथ ही भारी बारिश के देखते हुए चारधाम यात्रा पर भी रोक लगा दी गई है। शनिवार देर रात रुद्रप्रयाग जिले के सिरोहबगड़ में बदरीनाथ हाईवे करीब 80 मीटर बह गया है।
शनिवार को भी चमोली के बैनाकुली में बदरीनाथ हाईवे का सौ मीटर हिस्सा अलकनंदा नदी में समा गया था। जिससे यातायात बाधित हो गया। बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध होने से बदरीनाथ धाम में 60 तीर्थयात्री रुकाए गए हैं। जिसमें 35 यात्री आंध्रप्रदेश के हैं।
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वहीं हरिद्वार में ट्रैक पर पानी आने से दो घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही ठप रही। बारिश से पूरा प्रदेश बेहाल हो गया है। नदी नाले जहां उफान पर हैं वहीं हाईवे और अन्य सड़कों भी प्रभावित हो गई हैं।
जगह-जगह मलबा आने से यातायात बाधित
भूस्खलन से सड़कों पर जगह-जगह मलबा आने से यातायात बाधित हो गया है। शासन के निर्देशानुसार चारधाम यात्रा फिलहाल 22 जुलाई तक बंद है।
उधर शनिवार शाम बदरीनाथ धाम की नर, नारायण पर्वत की चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। यह इस मौसम की पहली बर्फबारी है। कुमाऊं में भी रुक रुक बारिश से महाकाली, शारदा, सरयू, गौला नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई है।
शनिवार को टनकपुर-चंपावत राजमार्ग में धौन के समीप मलबा आने से शनिवार को सैकड़ों यात्री रास्ते में फंसे रहे। मशहूर सिने अभिनेता हेमंत पांडेय भी मार्ग में फंसे।
बरसात और मार्ग बंद होने के कारण पहाड़ में केमू की अधिकांश सेवा ठप रही। देहरादून के लिए भी दुपहर तक बस सेवा बंद रही।
कई स्थानों पर फंसे रहे यात्री
बारिश के कारण बदरीनाथ धाम में फंसे 85 तीर्थयात्रियों में से 25 तीर्थयात्री शनिवार को पैदल ही गोविंदघाट और पांडुकेश्वर पहुंच गए।
करीब 200 तीर्थयात्री जोशीमठ में ही हैं। हेमकुंड साहिब जाने वाले 236 यात्री जोशीमठ में और 150 यात्री गोविंदघाट में रुके हैं। बाबा रामदेव अपने जत्थे के साथ हरिद्वार लौट आए।
वहीं कैलास मानसरोवर यात्रियों का दसवां दल शनिवार को अल्मोड़ा-डीडीहाट मार्ग बंद होने के कारण धौलछीना में फंस गया। यात्रियों को दूसरे मार्ग से आगे ले जाया जा रहा है।
कहीं हाईवे बंद तो कहीं खुला
शनिवार सुबह हुई जोरदार बारिश के दौरान चमोली जिले के बैनाकुली में बदरीनाथ हाईवे का सौ मीटर हिस्सा अलकनंदा में समा गया।
वहीं लामबगड़ के भूस्खलन क्षेत्र में भी करीब 50 मीटर सड़क पूरी तरह से नदी में समा गई है। लामबगड़ में तीन दिनों से बंद बदरीनाथ हाईवे शनिवार को भी नहीं खुल पाया।
यहां पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ राजमार्ग शनिवार को आंशिक रूप से खोल दिया गया।
वहीं बारिश के कारण उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे बंद हो गया। दोपहर एक बजे तक सुक्की को छोड़कर सभी जगह मार्ग खुल गया।
ट्रैक पर पानी आने से दो घंटे तक खड़ी रहीं ट्रेनें
हरिद्वार में रेलवे ट्रैक पर शनिवार सुबह पानी भर जाने से कई ट्रेनों को हरिद्वार से पहले ही रोकना पड़ा। इससे करीब दो घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही ठप रही।
देहरादून आ रही मसूरी एक्सप्रेस को ज्वालापुर में रोका गया, जबकि देहरादून से दिल्ली के लिए चली जनशताब्दी को मोतीचूर में रोका गया।
उधर लगातार हो रही बारिश के चलते शनिवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर बढ़कर 293.35 पहुंच गया, जो खतरे के निशान से मात्र 65 सेमी नीचे है।
उधर सप्तऋषि घाट पर पैर फिसलने से लुधियाना की छह वर्ष की मासूम बच्ची गंगा में बह गई।
मौसम विभाग ने रविवार को सावधान रहें की चेतावनी दी है। राज्य मौसम केंद्र ने खासतौर पर उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, पौड़ी, पिथौरागढ़ जनपदों में अत्यधिक बारिश की आशंका जताई है।
वहीं दून में भी बादल छाए रहने की संभावना है। गरज संग तेज बारिश के एक-दो दौर हो सकते हैं।