पंडित उनियाल ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान के बाद गाडू घड़ा यात्रा के साथ ही बदरीनाथ धाम यात्रा का आगाज हो गया है। गाडू घड़ा लेकर डिमरी पंचायत समिति के लोग ऋषिकेश के लिए रवाना हुए।
अब यह तेल भगवान बदरी विशाल की मूर्ति के अभिषेक के लिए कपाट खुलने के बाद अगले छह माह तक प्रयोग किया जाएगा। गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा कल बुधवार सुबह ऋषिकेश से तपोवन, कौड़ियाला, देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग से होते हुए कर्णप्रयाग के डिम्मर गांव पहुंचेगी। वहां से पांडुकेश्वर आदि स्थानों से होते हुए तीन मई को बदरीनाथ धाम पहुंचेगी।