मौसम सामान्य होने पर हटाया जाएगा मलबा
एनएनआईडीसीएल के उपमहाप्रबंधक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पागल नाला में करीब 90 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए कंसल्टेंट को जल्द मौके पर बुलाया जाएगा। साथ ही मौसम सामान्य होने पर नाले से मलबा और बोल्डर का पूरी तरह से निस्तारण किया जाएगा। यहां ह्यूम पाइप से वाहनों की आवाजाही करवाई जाएगी। इसके बाद सुरंग निर्माण को भारत सरकार की स्वीकृति मिलने पर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि तीन साल में यहां सुरंग निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
बदरीनाथ हाईवे पर 18 भूस्खलन जोन
कमेड़ा से हेलंग तक बदरीनाथ हाईवे पर 18 भूस्खलन जोन हैं। जो इस बरसात में पूरी तरह से सक्रिय हैं। इनमें सबसे अधिक कमेड़ा, पर्थाडीप, छिनका, बिरही चाड़ा, पागलनाला, बैलाकूची, गुलाबकोटी, मैठाणा, हेलंग, भनेरपाणी (पीपलकोटी) आदि क्षेत्र संवेदनशील बने हुए हैं।
पागल नाला में 140 घंटे तक अवरुद्ध रहा बदरीनाथ हाईवे
पागल नाला में हर दिन वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है। बीते जुलाई से अभी तक तकरीबन 140 घंटे तक यहां वाहनों के पहिए थमे रहे। जोशीमठ के खंड विकास अधिकारी मोहन जोशी ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की पहल पर पागल नाला के इर्द-गिर्द वृहद पौधरोपण किया गया है। यहां गांव बचाओ अभियान के तहत संरक्षित प्रजाति के 800 पौधों का रोपण कर दिया गया है।