तीन दिनों से खचरा नाले के पास बंद पड़ा बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बुधवार को शाम चार बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खुल गया।
हाईवे खुलने के बाद बदरीनाथ में फंसे करीब 23 वाहनों को निकाल दिया गया, जबकि 254 तीर्थयात्री अपने वाहनों से बदरीनाथ धाम में मत्था टेकने पहुंचे। भारी बारिश के दौरान 15 अगस्त की मध्य रात्रि को लामबगड़ के समीप खचरा नाले के तेज बहाव में बदरीनाथ हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा बह गया था।
तब से हाईवे से आवाजाही बंद पड़ी थी फिर भी बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर जा रहे तीर्थयात्री करीब 10 किमी की पैदल दूरी तय कर धाम पहुंच रहे थे। बुधवार को बीआरओ के 40 मजदूरों ने खचरा नाले के पास बदरीनाथ हाईवे पर 30 मीटर सड़क बनाकर उसके ऊपर मिट्टी और पत्थरों का भरान किया।
यहां 30 मीटर लंबी ही दीवार बनाई गई और इसके बाद यहां पर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई। हालांकि यहां पर हाईवे पर तीखी ढलान होने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर गए शिव सिंह का कहना है कि सुबह से ही बदरीनाथ हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे थे।
शाम चार बजे हाईवे खुलने के बाद बदरीनाथ पहुंचे। हाईवे के दोबारा बंद होने के डर से बदरीनाथ धाम के दर्शन कर कई तीर्थयात्री रात्रि विश्राम के लिए जोशीमठ लौट गए।
बीआरओ के कमांडर कर्नल आर सुब्रमण्यम का कहना है कि तीन दिनों तक हाईवे सुधारीकरण कार्य किया गया। खचरा नाले को भी डायवर्ट कर दिया गया है। क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही बारिश से हाईवे को खतरा बना हुआ है।