राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की पत्नी देश की प्रथम महिला शुभ्रा मुखर्जी की अस्थियां बुधवार शाम हरकी पैड़ी पर गंगा में प्रवाहित कर दी गईं। बेटों ने अपनी मां की अस्थियों का विसर्जन वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न कराया।
बुधवार को सड़क मार्ग से काफिले के साथ उनकी अस्थियां शाम पांच बजकर 45 मिनट पर हरकी पैड़ी पहुंची। राष्ट्रपति के बड़े बेटे और पश्चिम बंगाल की जंगीपुर लोकसभा सीट से सांसद अभिजीत मुखर्जी और छोटे बेटे इंद्रजीत मुखर्जी अपनी मां के अस्थि कलश को लेकर हरकी पैड़ी पहुंचे।
हरकी पैड़ी पर पंडित सुमित ठेकेदार ने वैदिक मंत्रों के साथ पूरे रीति रिवाज से अस्थि प्रवाहित करवाईं।
इस मौके पर राष्ट्रपति के निजी सचिव प्रदीप गुप्ता और सीनियर एडीसी मेजर शोभित पांडे, प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से प्रतिनिधि के रुप में उनके सलाहकार रणजीत रावत, मुख्यमंत्री के ओएसडी पुरुषोत्तम शर्मा, मेयर मनोज गर्ग के प्रतिनिधि सुभाषचंद्र, हरिद्वार सांसद के प्रतिनिधि ओमप्रकाश जमदग्नि, ओपी चौहान, सतपाल ब्रह्मचारी, अंबरीश कुमार, डीएम हरिचंद सेमवाल, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल,गंगा सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा गांधीवादी, महामंत्री रामकुमार मिश्रा, कृष्ण कुमार ठेकेदार और कुमुद शर्मा आदि मुख्य रुप से उपस्थित रहे।
कर्मकांड के बाद बेटों ने किया गंगा स्नान
राष्ट्रपति के दोनों बेटों ने सफेद धोती पहन रखी थी। बदन के ऊपरी हिस्से में भी धोती ओढ़ रखी थी। अस्थि प्रवाह की क्रियाएं कराने के बाद राष्ट्रपति के बेटों ने उसी स्थान पर गंगा में डुबकी लगाई।
गंगा सभा कार्यालय में कपड़े बदले
अभिजीत और इंद्रजीत ने गंगा सभा के कार्यालय में पहुंचकर फिर से नई धोतियां पहनी। गंगा सभा पदाधिकारियों के साथ कुछ देर बातचीत के बाद पौने सात बजे उनका काफिला हरकी पैड़ी से रवाना हो गया।
दिल्ली से साथ आए पुरोहित
देश की प्रथम महिला के अस्थि प्रवाह कर्मकांड कराने के लिए काली बाडी दिल्ली से पुरोहित सपन कुमार भट्टाचार्य साथ आए थे। हरकी पैड़ी के पुरोहित से वैदिक मंत्र पाठ और अन्य क्रियाएं कराने के बाद सपन कुुमार ने भी कई क्रियाएं संपन्न कराई।
हरकी पैड़ी पर बिछाई गई रेड कारपेट
देश की प्रथम महिला के अस्थि प्रवाह कार्यक्रम के लिए हरकी पैड़ी पर रेड कारपेट बिछाई गई थी। बैठने के लिए लाल रंग के गद्दों का इंतजाम किया गया था। कर्मकांड के बीच में हल्की सी बारिश होने लगी तो गंगा सभा के कार्यकर्ता छाते लेकर खड़े हुए।