बदरीनाथ हाईवे पर बाजपुर में सोमवार को ट्राला फंसने से करीब साढ़े सात घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही।
स्कूली बच्चों और कर्मचारियों को भी यहां पर पैदल आवाजाही करनी पड़ी। सोमवार को सुबह पांच बजे पीपलकोटी की ओर जा रहा एक ट्राला बाजपुर भूस्खलन क्षेत्र में फंस गया, जिससे यहां वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
पुलिस प्रशासन की ओर से नंदप्रयाग-कोठियालसैंण मोटर मार्ग से छोटे वाहनों की आवाजाही कराई गई, जबकि बड़े वाहनों की आवाजाही ठप रही। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने जेसीबी की मदद से ट्राले को किनारे कर दोपहर साढ़े बारह बजे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई।
उधर, लामबगड़ में भी मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे करीब चार घंटे तक अवरुद्ध रहा। सुबह पांच बजे यहां भी सड़क पर जगह-जगह मलबा आ गया था। सुबह नौ बजे तक यह मलबा हटाया जा सका।
बीआरओ के कमांडर आर सुब्रमण्यम का कहना है कि बरसात में हाईवे को सुचारु रखना चुनौतीपूर्ण काम है। एक जुलाई को जगह-जगह बादल फटने से हाईवे को भारी नुकसान हुआ है। अब थोड़ी सी बारिश होने पर भी हाईवे अवरुद्ध हो रहा है। ब्यूरो
1164 यात्रियों ने किए चार धाम दर्शन
सोमवार को मात्र 1164 यात्रियों ने चार धाम दर्शन किए। बदरीनाथ धाम में 490 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। जबकि हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर गोविंदघाट से 423 तीर्थयात्री रात्रि विश्राम के लिए घांघरिया पहुंचे।
उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे पर यातायात सुचारु रहने से तीर्थयात्रियों के धामों तक पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। सोमवार को 77 तीर्थयात्री यमुनोत्री और 509 यात्री गंगोत्री धाम पहुंचे।
केदारनाथ धाम में मात्र 88 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। कपाट खुलने के बाद यह पहला मौका है, जब एक दिन में इतने कम यात्रियों ने दर्शन किए। धाम में अब तक कुल 251944 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
धाम के दिनभर सूरज और बादलों की आंखमिचौली होती रही। इस दौरान में बार-बार कोहरा छाने से हेलीकाप्टर सेवा भी बाधित होती रही। पिछले नौ दिन से दो कंपनियों के हेलीकाप्टर ही गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए उड़ान भर रहे हैं।
Published By : Nirmala Suyal