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Badrinath Temple: शीतकाल में धाम में सुरक्षा की दृष्टि से तैनात की गई आईटीबीपी की प्लाटून, पीएसी को हटाया गया

Sun, 17 Dec 2023 10:02 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ (चमोली)

सार

बदरीनाथ मंदिर में अभी तक पुलिस व पीएसी तैनात थी। अब पीएसी को हटाकर आईटीबीपी की 23 बटालियन की प्लाटून को धाम की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया गया है।
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बदरीनाथ धाम में आईटीबीपी की प्लाटून तैनात - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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शीतकाल में बदरीनाथ धाम में सुरक्षा की दृष्टि से आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) की तैनाती कर दी गई है। अभी तक यहां पर पुलिस व पीएससी के जवान तैनात रहते थे। अब आईटीबीपी की प्लाटून को भी यहां तैनात कर दिया गया है।

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बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने बताया कि मंदिर में अभी तक पुलिस व पीएसी तैनात थी। अब पीएसी को हटाकर आईटीबीपी की 23 बटालियन की प्लाटून को धाम की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया गया है। यहां पर आईटीबीपी के 30 जवान दिर रात मंदिर की सुरक्षा में तैनात हैं। 



वहीं पंचकेदार में प्रमुख केदारनाथ धाम की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की एक प्लाटून धाम में तैनात कर दी है। आईटीबीपी आगामी यात्रा शुरू होने तक केदारनाथ मंदिर व केदारपुरी की सुरक्षा में मुस्तैद रहेगी।

सोमवार को आईटीबीपी की एक प्लाटून जिसमें 24 जवान व अधिकाारियों सहित 30 लोग शामिल हैं, धाम पहुंच गए हैं। धाम पहुंचते ही जवानों ने मंदिर क्षेत्र सहित आसपास गश्त करते हुए वहां का गहन निरीक्षण किया। मंदिर के समीप ही प्लाटून के रहने की व्यवस्था की गई है।

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बता दें कि इस वर्ष 15 नवंबर को केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो गए थे। कपाट बंद होने के बाद से पीएससी के नौ पुलिस के तीन जवान ही मंदिर की सुरक्षा में तैनात हैं। इसे देखते हुए श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने केदारनाथ मंदिर व स्वर्णमंडित गर्भगृह की सुरक्षा के साथ ही धाम में चल रहे अरबों रुपये के पुनर्निर्माण कार्यों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार को पत्र लिखा था। पत्र का संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार ने गृह मंत्रालय से धाम में आईटीबीपी की तैनाती का आग्रह किया था। बीते वर्ष भी कपाट बंद होने के बाद मंदिर की सुरक्षा के लिए आईटीबीपी को तैनात किया गया था।

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