शीतकाल के लिए केदारनाथ मंदिर के कपाट 13 नवंबर को सुबह 8 बजे बंद होंगे। इसके साथ ही तुंगनाथ मंदिर के तीन और मदमहेश्वर मंदिर के कपाट 24 नवंबर के बंद होंगे।
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने का दिन और समय निर्धारित भी कर लिया गया है। गुरुवार को विजया दशमी के मौके पर धर्माचार्यों की बैठक में यह फैसला लिया गया।
गुरुवार को बदरीनाथ मंदिर परिसर में दोपहर करीब 12 बजे मुख्य पुजारी रावत ईश्वर प्रसाद नंबूदरी की मौजूदगी में धर्माधिकारी भुवन उनियाल ने पंचाग देखकर कपाट बंद करने का मुहूर्त निकाला।
इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि पूरे विधि विधान के साथ धाम के कपाट 17 नवंबर को शाम 4 बजकर 35 मिनट पर बंद कर दिए जाएंगे। बताया गया कि गुरुवार तक करीब तीन लाख 35 हजार श्रद्घालु भगवान बदरी के दर्शन कर चुके हैं।
458 यात्री पहुंचे केदारधाम
उधर, बुधवार को 458 तीर्थयात्रियों ने बाबा केदारनाथ मंदिर के दर्शन किए। जबकि सोनप्रयाग से 202 व गौरीकुंड से 217 तीर्थयात्री केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुए।
वहीं बुधवार को दिनभर धाम में मौसम साफ रहा। हालांकि शाम पांच बजे बाद आसमान में हल्के बादल छा गए, जिससे बारिश होने की संभावना बनी हुई है।