देहरादून के वाणी विहार से घर के बाहर खेल रहा सवा साल का बच्चा रहस्यमय ढंग से गायब हो गया। लोगों ने हंगामा करते हुए पुलिस से नाराजगी भी जताई। पुलिस कार्रवाई का देर रात तक कोई नतीजा नहीं निकल सका था। बिजनौर के धामपुर का यह परिवार तीन दिन पहले ही यहां आया था।
रायपुर थाना क्षेत्र के वाणी विहार में किराए पर रहने वाले सतीश की ढाई साल की बेटी और सवा साल का वंश बुधवार सुबह साढे़ नौ बजे करीब घर के बाहर खेल रहे थे। बेटी तो अंदर चली गई, जबकि वंश बाहर खेलता रहा। कुछ देर बाद परिजनों को वंश की याद आई तो वे बाहर गए, लेकिन वह नहीं मिला।
परिजनों को लगा कि अष्टमी की पूजा के लिए कोई वंश को अपने साथ ले गया होगा। काफी तलाश करने के बाद भी सुराग नहीं लगा तो बच्चे के अपहरण का शोर मच गया। तीसरे पहर रायपुर पुलिस को सूचना मिली तो वह हरकत में आई। मौके पर जमा हुए लोगों ने हंगामा करते हुए पुलिस से नाराजगी जताई। लोगों का कहना था कि बच्चे को अगवा किया गया है।
एसएसपी सदानंद दाते और एसपी सिटी अजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर अपने स्तर से जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस ने हादसे की आशंका के चलते आसपास के गड्ढों को भी चेक किया है। एसएसपी ने बताया कि अभी कुछ भी कहना मुमकिन नहीं है कि बच्चा कैसे गायब हुआ। कई पहलुओं पर जांच पड़ताल की जा रही है।
बिलखती मां की पुकार... मेरा लाल लौटा दो
वाणी विहार से सवा साल के वंश के गायब होने के बाद से मां और पिता दोनों बदहवास हालत में है। मां तो कई बार बेहोश हो चुकी है। होश में आते ही वह यही पुकार रही है, मेरे लाल को वापस ला दो, उसने किसी का क्या बिगाड़ा है।
बिजनौर के धामपुर का निवासी सतीश पुताई का काम करता है। तीन दिन पहले ही सतीश पत्नी किरण और दोनों बच्चों को यहां लेकर आया था। अष्टमी की पूजा होने के कारण किरण तो सुबह से खाना-बनाने में मशगूल थी, जबकि सतीश तबीयत खराब होने के कारण चारपाई पर लेटा था।
इस कारण बच्चों पर उनका ध्यान नहीं रहा। इसी वजह से बाहर खेलते हुए वंश को कोई अपने साथ ले गया। मासूम के खुद कहीं जाने की उम्मीद ना के बराबर ही है। अब तक की पूछताछ में ऐसा कोई प्रत्यक्षदर्शी भी सामने नहीं आया है, जिसने बच्चे को ले जाते हुए किसी को देखा हो। बेटे वंश के गायब होने के बाद से मां किरण की निगाह घर के दरवाजे पर टिकी है।
हर आने-जाने वाले से वह वंश के बारे में ही पूछ रही है। महिलाएं उसे ढांढस बंधा रही हैं, लेकिन किरण के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। पिता सतीश भी उस पल को कोस रहे हैं, जब वह बच्चों को यहां लाए थे।
रंजिश से इंकार
पुलिस ने बच्चे के गायब होने के पीछे की वजह को खंगालना शुरू कर दिया है। परिजनों ने किसी तरह का किसी से कोई विवाद होने से इंकार किया है। शहर में रहने वाले नाते-रिश्तेदारों से भी बातचीत की गई है। पुलिस तंत्र-मंत्र की दृष्टि से घटना को जोड़कर देख रही है। एसओजी, नेहरू कालोनी, रायपुर, पटेलनगर आदि कई थानों की पुलिस को इस मिशन पर लगाया गया है।
24 घंटे बाद गुमशुदगी को अपहरण की धारा में बदला जाएगा
रायपुर पुलिस ने अभी वंश की गुमशुदगी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि प्रथम सूचना के आधार पर मिसिंग रिपोर्ट दर्ज की गई है। 24 घंटे बाद गुमशुदगी को अपहरण की धारा में बदला जाएगा।