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फिर बंद हुआ बदरीनाथ हाईवे, लेकिन यात्रा जारी

Tue, 30 Jun 2015 12:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गोपेश्वर
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मंगलवार सुबह साढ़े 9 बजे बेनाकुली हनुमान चट्टी में भूस्खलन होने से बदरीनाथ हाईवे फिर बंद हो गया। बीआरओ ने मलवा हटाने का काम शुरू कर दिया है। चमोली जिले में मौसम खराब होने से सोमवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार की सुबह भी जारी रही।
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बद्रीनाथ हाईवे बंद है लेकिन यात्रा जारी है। यात्री पांडुकेश्वर में अपने वाहनों को छोड़कर 3 किमी. लामबगड़ तक लोकल वाहनों से जा रहे हैं और फिर लामबगड़ से बेनाकुली तक 3 किमी. पैदल पहुच रहे हैं। फिर बेनाकुली से बद्रीनाथ तक 12 किमी. लोकल वाहन से पहुच रहे हैं।

बदरीनाथ हाईवे और हेमकुंड साहिब मार्ग के खुलने पर सोमवार से दोनों धामों की यात्रा शुरू हो गई थी। लेकिन मंगलवार की सुबह एक बार फिर बेनाकुली में मलवा आने से हाईवे बंद हो गया। वहीं मंगलवार को हेमकुंड साहिब के लिए 225 यात्रियों का जत्था घांघरिया से रवाना हुआ। उधर, केदारनाथ में हल्की बारिश होने से मंगलवार को धाम में हैली सेवा रोक दी गई है।
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सोमवार को हाईवे खुलने पर बदरीनाथ धाम में ठहरे 700 तीर्थयात्री अपने घरों को लौट गए, जबकि करीब 1500 यात्री सोमवार देर शाम तक बदरीनाथ के दर्शन के लिए धाम में पहुंचे चुके हैं। वहीं केदारनाथ यात्रा बुधवार से शुरु करने की तैयारी है।

बदरीनाथ हाईवे बैनाकुली और लामबगड़ में 25 जून को भारी बारिश से मलबा आने पर अवरुद्ध हो गया था। अगले दिन 26 अप्रैल को मारवाड़ी में हाईवे बंद हो गया। रविवार तक लामबगड़ और मारवाड़ी में हाईवे खोल दिया गया था। सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे बैनाकुली में भी करीब 700 मीटर हिल कटिंग कर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) मार्ग खोलने में कामयाब रहा।

हाईवे खुलने के बाद 26 जून से बदरीनाथ में फंसे 276 वाहन सुरक्षित निकाले गए। वहीं, हेमकुंड साहिब मार्ग पर लोनिवि और आईटीबीपी के जवानों ने तीसरा अस्थाई पुल भी सोमवार को बना दिया। जिससे हेमकुंड साहिब की यात्रा भी सोमवार से सुचारु हो गई।

सोमवार को गोविंदघाट से 140 तीर्थयात्री सुबह सात बजे हेमकुंड के लिए रवाना हुए, जो अपराह्न तीन बजे घांघरिया पहुंचे। हेमकुंड साहिब में दोपहर तक मौसम सामान्य रहा। हालांकि सोमवार को अपराह्न तीन बजे से आधे घंटे के लिए बारिश हुई। बावजूद देर शाम तक करीब 432 सिख तीर्थयात्री गोविंदघाट पहुंच चुके थे।

जिलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि हेमकुंड साहिब मार्ग पर तीन अस्थाई पैदल पुल बना लिए गए हैं। लोनिवि ने स्थायी पुलों का निर्माण भी शुरू कर दिया है। दोनों धामों की तीर्थयात्रा फिर शुरू हो गई है। बारिश होने पर तीर्थयात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की गई है।
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घांघरिया के लिए शुरू हुई हवाई सेवा

सोमवार से गोविंदघाट से घांघरिया के लिए हवाई सेवा शुरू हो गई। पहले दिन 59 तीर्थयात्री हेलीकॉप्टर से घांघरिया पहुंचे। बदरीनाथ में दिनभर मौसम खराब होने से धाम के लिए हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सका। घांघरिया में रुके करीब 80 तीर्थयात्रियों को सोमवार को हेलीकॉप्टर से जोशीमठ लाया गया। सोमवार को गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने जिला प्रशासन से इन्हें जोशीमठ तक पहुंचाने का अनुरोध किया था।

कल से फिर शुरू होगी केदारनाथ यात्रा
सोनप्रयाग-मुनकटिया व गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुश्तों का निर्माण और सुधार कार्य मंगलवार दोपहर तक पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद एसडीएम और डीडीएमए सिविल डिवीजन के ईई के निरीक्षण के बाद बुधवार से केदारनाथ पैदल यात्रा शुरू कर दी जाएगी।

24/25 जून को हुई तेज बारिश से पैदल मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। 27 जून से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दोनों पैदल रास्तों की मरम्मत शुरू कर दी थी। मरम्मत कार्य के मंगलवार दोपहर तक पूरा होने की उम्मीद है।
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