बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार को खुली चुनौती दी है। उन्होंने आवेश में आकर एक बड़ी बात भी बोल दी।
समिति का बोर्ड भंग करने के मामले में सरकार से दो-दो हाथ कर चुके अध्यक्ष गणेश गोदियाल शुक्रवार को आक्रामक अंदाज में दिखे। बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करने के बाद उन्होंने कहा-सरकार हमारा जो बिगाड़ सके, बिगाड़ ले। उन्होंने कहा-प्यार से बोलते, तो मैं खुद ही इस्तीफा दे देता, लेकिन जो तरीका अख्तियार किया गया, वो मंजूर नहीं है।
बोर्ड भंग करने के मामले में कानूनी लड़ाई में जीतने के बाद गणेश गोदियाल के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने शुक्रवार को बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में जब वे अध्यक्ष बने थे, तब बोर्ड में उनके अलावा बाकी सभी सदस्य बीजेपी के थे।
बीडी सिंह ऐसे व्यक्ति नहीं, मैं जानता हूं
तीन साल तक ये स्थिति बनी रही, लेकिन किसी को छेड़ा नहीं गया। हमारा ये विश्वास है कि नियुक्ति सरकार करती है, न कि कोई पार्टी। मगर बीजेपी सरकार ने आते ही जिस तरह से समिति भंग कर दी, वो आपत्तिजनक है। वो भी उन स्थितियों में जबकि, चार धाम यात्रा शुरू हो रही थी।
बीडी सिंह ऐसे व्यक्ति नहीं, मैं जानता हूं
मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह के पक्ष में अध्यक्ष पूरी तरह से खडे़ दिखाई दिए। बोर्ड बैठक में भी सीईओ और रावल के खिलाफ एक महिला की शिकायत का मामला चर्चा में आया। मीडिया से बातचीत में गणेश गोदियाल ने कहा कि वह बीडी सिंह को अच्छे से जानते हैं, वे ऐसे व्यक्ति नहीं हैं।
महिला की शिकायत में तमाम तरह के झोल हैं, जिससे साबित होता है कि उसने उन्हें झूठा फंसाने की कोशिश की है। गोदियाल शासन के रवैये को लेकर भी बरसे। उन्होंने कहा-इस मामले में एफआइआर से पहले जांच होनी चाहिए थी।