नैनीताल, पिथौरागढ़, और बागेश्वर की ऊंची चोटियों समेत रानीखेत के निकट चौबटिया में सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक हुई बर्फबारी और कुमाऊं भर में कहीं तेज बारिश तो कहीं बूंदाबांदी से तापमान में एक बार फिर गिरावट आ गई है। मुनस्यारी के स्कूलों में मंगलवार को छुट्टी कर दी गई। थल-मुनस्यारी मार्ग बंद हो गया।
मार्ग पर कई वाहन फंसे हैं। लोगों का कहना है कि बर्फबारी का ऐसा नजारा वर्ष 2004 के बाद इस बार ही दिखाई दे रहा है। धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित गुंजी में उपचार नहीं मिलने से 80 वर्षीय बीरा सिंह की मौत हो गई है। चिल बर्न और स्नो ब्लाइंडनेस से बीमार हुए दो ग्रामीणों को ले जाने के लिए दूसरे दिन भी खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टर नहीं आ सका।
पिथौरागढ़ की निकटवर्ती थलकेदार, सौरलेख, चंडाक, ध्वज की चोटियों पर बर्फबारी और मंगलवार तड़के बारिश हुई। मुनस्यारी में एक फुट, मिलम गांव में चार फुट तक बर्फ गिरी है। कड़ाके की ठंड के चलते पर्यटक होटलों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
रानीखेत से कुछ दूरी पर स्थित चौबटिया में साल का तीसरा हिमपात हो गया। अल्मोड़ा का न्यूनतम तापमान तीन पहुंच गया। बागेश्वर जिले के कपकोट के उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में कीमू, गोगिना, मल्खाडुंगर्चा आदि में दो से चार इंच तर्क बर्फ गिरी है।
नैनीताल जिले में गागर, धानाचूली, रामगढ़, मुक्तेश्वर, पहाड़पानी में मंगलवार रात जमकर बर्फबारी हुई। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 7.0 और न्यूनतम तापमान -1.9 डिग्री सेल्सियस रहा। नैनीताल में निचले हिस्सों में कम जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश हुई। सैलानियों ने भी नगर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाकर बर्फबारी का जमकर आनंद लिया। नैनीताल में अधिकतम तापमान 13 तथा न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।