मौसम खराब होने से आठवां शव नहीं मिल पाया। इसके बाद सात पर्वतारोहियों के शवों को हिमवीरों ने तमाम बाधाओं को पार करते हुए 600 मीटर नीचे पहुंचा दिया था। आईटीबीपी के जवानों ने यहां पर एक हेलीपैड तैयार किया था। शुक्रवार को सेना के दो चीता हेलीकॉप्टर शवों को लाने के लिए नंदादेवी गए लेकिन अधिक ऊंचाई, खराब मौसम और उपयुक्त स्थान नहीं होने के कारण अस्थायी हेलीपैड में उतर नहीं सके थे।
अब सातों शवों को 15000 फीट की ऊंचाई पर स्थित बेस कैंप पहुंचाया जाएगा, जहां से हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ लाया जाएगा। इस काम में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। लापता आठवें सदस्य की खोजबीन के लिए वायु सेना के हेलीकॉप्टर से दो बार सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन खराब मौसम के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
अधिक ऊंचाई और खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर स्टेबल नहीं हो पा रहे हैं। पर्वतारोहियों के शवों को अब बेस कैंप लाया जाएगा। हेलीकॉप्टर को उतारने के लिए तीन स्थल चिन्हित किए गए हैं। इसमें दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
- एपीएस निंबाडिया, डीआईजी आईटीबीपी