फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आपदा के 5 महीने बाद में सड़कों पर 'आपदा'

Fri, 29 Nov 2013 06:00 PM IST
अमर उजाला, गोपेश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड में आपदा के पांच माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी निजमूला घाटी के ग्रामीणों की दिक्कतें कम नहीं हो पाई हैं।
विज्ञापन


पिछले वर्ष अक्तूबर माह मे डीएम एसए मुरुगेशन के क्षेत्र भ्रमण से ग्रामीणों आस जगी थी कि अब तेजी से क्षेत्र में सुधार कार्य होंगे। लेकिन एक माह बीतने के बाद भी घाटी में स्थिति जस की तस है।

जून माह में आई आपदा से निजमूला घाटी के दूरस्थ पाणा, ईराणी और झींझी गांवों को जाने वाले पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे। अब आपदा के पांच माह बाद भी पैदल रास्तों को सुधारा नहीं जा सका है।
विज्ञापन


ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग ठीक न होने से आवाजाही में परेशानी हो रही है। नगदी फसलों को भी बाजार तक नहीं ले जा पा रहे हैं। जिससे फसलें गांव में ही खराब होने लगी है।

आपदा के दौरान पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। डीएम को मार्ग दुरुस्त कराने के लिए ज्ञापन दिया। लेकिन पैदल मार्ग का सुधार कार्य शुरू नहीं हो पाया है। हमें जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। गांव के बीमार और बुजुर्गों को अस्पताल ले जाने में भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
-मोहन सिंह नेगी, निवासी झींझी गांव

पैदल मार्ग न होने से नगदी फसलें घरों में खराब हो रही है। जबकि प्रतिवर्ष राजमा, चौलाई और आलू की बिक्री से हमें करीब 25 हजार की आमदनी हो जाती थी। इस वर्ष कुछ फसल आपदा से खराब हुई और बाकी रास्ता न होने से घरों में खराब होने लगी है।
-भरत सिंह, निवासी ईराणी गांव

क्षतिग्रस्त मार्गों के सुधार के लिए तहसील स्तर पर होने वाली सभी प्रक्रिया पूरी कर दी गई थी। रास्तों का निर्माण वन विभाग को करना है। वर्तमान तक मार्ग क्षतिग्रस्त हैं तो दिखवाया जाएगा। शीघ्र मार्गों को ठीक करवाया जाएगा।
विज्ञापन

-अवधेश कुमार सिंह, एसडीएम, चमोली

पाणा, ईराणी और झींझी गांवों को जोड़ने वाले पैदल मार्ग के सुधारीकरण के लिए दैवी आपदा मद में धनराशि स्वीकृति हो गई है। अगले सप्ताह में सुधार कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-एनएन पांडेय, डीएफओ, बदरीनाथ वन प्रभाग, चमोली
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें