भगतदा (पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी) को टिकट दिए जाने से आगबबूला हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री बची सिंह रावत अब शांत है। उन्होंने राजनीतिक रूप से यू-टर्न लिया और अब नैनीताल पर भी भगतदा के लिए काम करने की हामी भरी।
संकेत हैं कि बचदा को पार्टी का प्रदेश चुनाव प्रभारी बनाया जा सकता है। प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने बचदा को संगठन और सरकार दोनों का अनुभवी बताते हुए कहा कि अब वह प्रदेश पार्टी मुख्यालय को ज्यादा वक्त देंगे।
भगत सिंह कोश्यारी को टिकट दिए जाने से उपजी नाराजगी वाले एपिसोड के बाद पहली बार दून पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री बची सिंह रावत प्रदेश मुख्यालय पर मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा, जो हुआ सो हुआ, अब पांचों लोकसभा सीटें जिताना ही उनका लक्ष्य है।
नाराजगी मेरा मुद्दा, किसी का विरोध नहीं
बचदा ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के बाद तमाम शंकाओं का समाधान हो चुका है। विगत नौ मार्च को मेरी नाराजगी मेरा मुद्दा थी, किसी का विरोध नहीं थी। पैनल में नाम नहीं गया इसलिए बुरा लगा। अब प्रदेश अध्यक्ष जहां चाहे वहां मेरा उपयोग कर लें।
देश का वातावरण भाजपा के पक्ष में है, 2012 के विधानसभा चुनाव में जो कसर रह गई थी उसे पूरी करेंगे। कांग्रेस सरकार पूरी तरह से फेल रही। हरीश रावत से काफी उम्मीदें थीं लेकिन उनकी सरकार में भी भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आ चुके हैं। हरीश का करिश्मा ढपोरशंख निकला। बचदा ने कहा कि महाराज के आने से भाजपा को लाभ मिलेगा।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी, मीडिया प्रभारी उमेश अग्रवाल, भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ थपलियाल समेत कई नेता मौजूद रहे।
रिकार्ड मतों से जीतेंगे कोश्यारी: बचदा
एक सवाल के जवाब में बचदा ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी जमीनी नेता हैं, वह रिकार्ड मतों से चुनाव जीतेंगे। उन्हें सरकार और संगठन दोनों का तजुर्बा है। मैं खुद भी जाऊंगा और उनके लिए काम करूंगा।
नाराजगी के दौरान गोल्ज्यू देवता के यहां लगाई अर्जी पर बोले कि अब समस्याओं का निदान हो गया, देवता का ही आदेश है कि चुनाव में जुट जाओ और मोदी को प्रधानमंत्री बनाओ।
जुबां पे आई दर्द भरी दास्तां
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को कार्यकर्ताओं की राय लेकर ही टिकट देने चाहिए। कांग्रेस में राहुल गांधी ने यह बेहतर प्रयोग किया था। पहले भाजपा यह प्रक्रिया अपनाती थी लेकिन अब छोड़ दिया।