देश की 8 महिलाएं ‘मिशन तिब्बत’ के लिए तैयार हैं। इसी 14 सितंबर से केवल महिलाओं के लिए शुरू होने वाला यह मिशन संसार की पहली महिला एवरेस्ट विजेता बछेंद्री पाल का ख्वाब है, जिसमें 50 की उम्र में भी कई चोटियों को मात दे चुकीं प्रेमलता अग्रवाल के साथ ही माउंटेनियरिंग का बेसिक कोर्स करने वाली उत्तराखंड की 28 साल की माधवी शर्मा शामिल हैं।
उनके अलावा दिल्ली की दो, झारखंड, कोलकाता और गुजरात की एक-एक महिला पर्वतारोही को शामिल होने का मौका मिला है।
पर्यावरण को बचाने और महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए विशेष रूप से हिंदुस्तानी महिलाओं के लिए चलाए जा रहे इस अभियान में महिला पर्वतारोही 20,000 फीट की ऊंचाई तक ट्रैक कर एवरेस्ट के बेस कैंप तक पहुंचेंगी। यहां से आने वाली 10 अक्तूबर तक इस अभियान दल की वापसी होगी।
बछेंद्री बताती हैं कि काफी समय से इस अभियान की रूपरेखा बन रही थी। अब जाकर इसे अमली जामा पहनाया जा सका है। महिलाओं की ट्रेनिंग, कंडीशनिंग कैंप, ट्रैक का सारा जिम्मा टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (टीएसएएफ) उठा रहा है। 14 को नई दिल्ली से यह दल नेपाल के लिए रवाना होगा।