योग आरोग्य की आत्मनिर्भरता का सूत्र
योग गुरु ने कहा कि योग आरोग्य की आत्मनिर्भरता का सूत्र है। कोरोनाकाल में दुनिया ने योग के महत्व को समझा है। योग करना और कराना उनका परम धर्म है। यही सेवा, राष्ट्र और मानवता का धर्म है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि योग भारत की विधा है।
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पूरी दुनिया में योग पहुंचता है तो भारत और भारतीयों के लिए गौरवशाली क्षण होगा। उन्होंने कहा कि 8वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग जरूर करें ताकि दुनिया में संदेश जाए कि जहां से योग विद्या शुरू हुई वहां का हर व्यक्ति योग करता है और योग के प्रति समर्पित है।