पतंजलि योगपीठ में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के साथ कार्यकर्ताओं, सेवाव्रतियों, छात्र-छात्राओं ने फूलों से होली खेली। वहीं औषधीय पदार्थों का लेप किया गया। सभी ने एक दूसरे को मिठाइयां खिलाकर होली की बधाई दी।
बाबा रामदेव ने कहा कि होली सामाजिक, धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि जब दो ऋतुओं का मिलन होता है तो वायुमंडल में पर्यावरणी विक्षुब्धता का वातावरण बन जाता है।
अग्नि तत्व दो मौसम के बीच आई विक्षुब्धता को समित करता है। जिसके चलते गांव-गांव में होली जलाने का विधान बनाया गया है।
सादगी से मनाया पर्व
भूमिहार ब्राह्मण परिषद हरिद्वार की ओर से होली महोत्सव सादगी से मनाया गया। लोगों ने एक दूसरे को चंदन लगाकर फूल बरसाए। समारोह की अध्यक्षता एसपी सिंह ने की।
संरक्षक सदस्य एसके मिश्रा ने कहा कि यह पर्व भाईचारे को बढ़ावा देता है। कार्यक्रम में शिवाजी चौधरी, प्रभात राय, अतुल राय, दुर्गश राय, पवन शर्मा, कमलेश राय, अंकित सिंह, विनोद शर्मा और सुनील राम उपस्थित रहे।