स्वामी रामदेव ने कहा कि चिकित्सा ही नहीं देश की शिक्षा व्यवस्था भी बदलनी है। खेती भी बदलनी है। बाजार के भी नए आयाम खड़े करने हैं। अपनी आंखों के सामने और अपने हाथों से बदलना और करना है।
सर्जरी साइंस नहीं स्किल्ड है
स्वामी रामदेव ने कहा कि सर्जरी का आविष्कार यूूरोप में नहीं भारतीय चिकित्सा पद्धति में हुआ है। दुनिया इसे मानती है, लेकिन भारत ही नहीं मानता है। उन्होंने कहा कि सर्जरी साइंस नहीं स्किल्ड है। इसका ठेका मॉडर्न चिकित्सा ने ही नहीं लिया है। हरिद्वार के झबरेड़ा के एक व्यक्ति का हवाला देते हुए रामदेव कहते हैं, वो अनपढ़ हैं। कैसी भी गांठ हो, एक चीरा लगाकर उसे निकाल देते हैं। हजारों लोगों को ठीक कर चुके हैं।
डब्ल्यूएचओ वाले भी आएं इलाज करवाने
स्वामी रामदेव ने कहा कि उनके यहां योग से फेटी लीवर, हेपेटाइटिस, लिवर, डायबिटीज से पीड़ित लोगों का इलाज होता है। एलोपैथी डॉक्टर या डब्ल्यूएचओ का कोई पीड़ित है तो वह भी आ सकता है। दो सप्ताह में डायबिटीज का इलाज कर देंगे।
पतंजलि ने इलाज में बढ़ाया डिस्काउंट
एलोपैथी बनाम आयुर्वेदिक एवं नेचुरोपैथी की बहस में रामदेव ने बीमारियों के इलाज में जून माह तक बीस फीसदी डिस्काउंट की घोषणा भी कर दी। पांच जून तक बीस फीसदी छूट रहेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में रिसर्च पर बड़ा बजट खर्च करने जा रहे हैं। जिसमें अमेरिका के वैज्ञानिकों को बुलाना है। जिसके बाद दुनिया भारत का अनुसरण करेगी।
आईएमए महासचिव के खिलाफ तहरीर
योग गुरु स्वामी रामदेव के समर्थन में हरिद्वार के अधिवक्ता अरुण भदौरिया सामने आए हैं। अधिवक्ता ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय महासचिव डॉक्टर जयेश लेेले और पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजन शर्मा के खिलाफ कनखल थाना पुलिस को तहरीर दी है। हलांकि, पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है।