भगवान केदारनाथ की डोली रविवार को केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुई। सैकड़ों भक्तों की मौजूदगी में भगवान की भोग मूर्ति को कैलाश के लिए विदा किया गया। इस मौके पर बाबा के दर्शनों के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। विभिन्न रास्तों से होते हुए डोली रात्रि प्रवास के लिए फाटा पहुंची। बता दें कि धाम के कपाट तीन मई को आम श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे।
रविवार को पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में रिमझिम बारिश के बीच बाबा भोलेनाथ के जयकारों के साथ भगवान केदारनाथ की कैलाश रवानगी की परंपराओं का निर्वहन किया गया। मुख्य पुजारी टी गंगाधर लिंग ने ओंकारेश्वर मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश कर बाबा केदार की मूर्ति की विशेष पूजा अर्चना कर अभिषेक किया।
इसके बाद भगवान की भोग मूर्ति को रावल भीमाशंकर लिंग को सौंपा गया। उन्होंने भोले नाथ की भोग मूर्ति और केदारनाथ मंदिर की चाबी मुख्य पुजारी बागेश लिंग को सौंपी और छह माह की पूजा का संकल्प दिलाया। उन्होंने मुख्य पुजारी को अचकन व पगड़ी भी पहनाई।