स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी की अंतिम यात्रा को छह नंबर पुलिया से होते हुए जोगीवाला से हरिद्वार के लिए निकाला गया। पुलिस अधिकारियों ने दूसरे मार्गों से आ रहे ट्रैफिक को कुछ देर के लिए रोका ताकि अस्पताल की ओर जाने वाले आपातकालीन वाहनों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे। ट्रैफिक पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने रेस्क्यू ऑपरेशन को गति देने में अहम भूमिका निभाई।
अग्निशमन विभाग ने भी तत्परता दिखाई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम महज आठ मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई। दमकल वाहन पहुंचते ही आग पर काबू पाने और अस्पताल के भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू कर दिया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में 12 दमकलकर्मियों समेत पुलिस और एसडीआरएफ के 30 से अधिक जवान जुटे रहे। धुएं और अफरा-तफरी के बीच जवानों ने जान जोखिम में डालकर राहत कार्य किया। अस्पताल में मौजूद मरीजों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समन्वित तरीके से कार्रवाई की गई।