अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि एक साल में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा।
जयराम आश्रम में षड़दर्शन साधु समाज, दंडी स्वामियों और अखाड़ा परिषद के सयुंक्त सम्मेलन के बाद पत्रकार वार्ता में श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने जानकारी दी कि संतों ने देश के 84 फर्जी शंकराचार्यों के बहिष्कार का निर्णय लिया है।
अच्युतानंद के कार्यक्रम में जाने के विरुद्ध अखाड़ा परिषद ने सीधा निर्देश दिया था। इसके बावजूद कुछ संत वहां गए। उन्होंने कहा कि इस समय स्वरूपानंद सरस्वती, निश्छलानंद एवं भारती तीर्थ ही चार पीठों के शंकराचार्य हैं। अन्य सभी संत तो हैं, किंतु जगद्गुरु अथवा शंकराचार्य नहीं।
परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि योगी आदित्यनाथ बुधवार को आयोध्या गए हैं और एक वर्ष में रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। राम मंदिर के लिए प्राणों का उत्सर्ग भी करना पड़ा तो संत समाज पूरी तरह तैयार है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा केरल में सार्वजनिक रूप से गाय काटने की भर्त्सना की।
श्री महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि राष्ट्र विरोधी कार्यों पर संतों की चुप्पी खतरनाक है। जब भी अखाड़ा परिषद कोई बयान जारी करे तब तमाम संत समाज को अगले ही दिन उसके समर्थन में आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गंगा की सुचिता के लिए गंगा तटीय क्षेत्रों में सभी तीर्थों पर लगातार सम्मेलन होने चाहिए।