उत्तराखंड सरकार को अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेता एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने हाईकोर्ट में चित कर दिया। हाईकोर्ट ने शराब नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को निर्णय सुनाते हुए सरकार को विदेशी शराब का कोटा निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं।
बीते सोमवार को देश के पूर्व वित्त मंत्री व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील पी. चिदंबरम ने शराब कोटा कम करने पर कंपनी की ओर से पैरवी करते हुए कहा था कि आबकारी नीति में प्रावधान है कि विभिन्न ब्रांडों का न्यूनतम स्टाक रखा जाना अनिवार्य है। इस प्रकरण पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था।
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार मैसर्स यूनाइटेड स्प्रिट्स लिमिटेड ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि राज्य सरकार ने उनकी शराब की डिमांड कम कर दी है। इस मामले में विगत सोमवार को याचिकाकर्ता तथा सरकार की ओर से धुआंधार बहस हुई थी।