राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले में 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में अगले 24 घंटों में बर्फीला तूफान आने की आशंका जताई है।
एनडीएमए ने इसके लिए इन जिलों के जिलाधिकारियों को मेल भेजकर अलर्ट किया है। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में अलग-अलग करीब दर्जन भर आबादी क्षेत्र इतनी ऊंचाई पर हैं। तीनों ही जिलों में लोगों को सचेत रहने को कहा गया है पर राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र इस अलर्ट से बिलकुल ही अछूता रहा।
बर्फबारी और धूप की आंख-मिचौली में हिमस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं। पिछले कुछ समय से प्रदेश में इसी तरह का मौसम है। ऐसे में दिल्ली में एनडीएमए ने अलर्ट जारी कर प्रदेश के तीन जिलों में लोगों को सचेत रहने को कहा है।
पिथौरागढ़ जिलाधिकारी हरीश चंद्र सेमवाल के मुताबिक जिले में 2500 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर सेना है। गांव के लोग इस समय निचले इलाकों में हैं।
लोगों को सचेत रहने को कहा
जिलाधिकारी ने आईटीबीपी, एसएसबी और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों के अधिकारियों से सतर्क रहने को कहा है। उधर चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि अलर्ट सामान्य है।
फिर भी संबंधित तहसीलों को तुरंत ही जानकारी देकर लोगों को सचेत रहने को कहा गया है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी सी रविशंकर ने तीन बजे अलर्ट की जानकारी होने पर इसे निचले अधिकारियों से वाकिफ करा दिया।
उन्होंने तीन जेसीबी को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा है। जिले में पर्यटकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उधर, राज्य आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम से बताया गया कि अलर्ट की जानकारी पिथौरागढ़ से मिली। इससे संबंधित पक्षों को भेज दिया गया।
डीएम की मेल से कंट्रोल रूम को मिली खबर
हिमस्खलन का अलर्ट जारी होने के बाद की प्रशासन और अपदा प्रबंधन की प्रतिक्रिया बता रही है कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन केदारनाथ की विभीषिका को झेलने के बाद भी बेपटरी है।
एनडीएमए से जानकारी मिलने के बाद जिलों में इसे सामान्य सूचना की तरह आगे खिसका दिया गया। 2500 मीटर से ऊपर केइलाकों तक पहुंचने की शायद ही कोशिश की गई।
चमोली में उर्गम से लेकर पाणा, ईदाणी गांव, झींझी, जलूड़, दुगम कला कोट जैसे आधा दर्जन आबादी क्षेत्र हैं जो 2500 मीटर से अधिक की ऊंचाईं पर हैं। इस अलर्ट का सबसे अधिक वास्ता इन्हीं लोगों से है।
इसी तरह उत्तरकाशी में गीत बजरी, हरकी दून आदि क्षेत्र में दो दर्जन गांव 2500 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर है। पर इन इलाकों तक भी अभी पहुंच न के बराबर है।
दूसरी ओर हिमस्खलन को लेकर उत्तराखंड में इस तरह का अलर्ट सामान्य रूप से जारी नहीं होता। ऐसे में अलर्ट को लेकर भी प्रशासन ने खास सक्रियता नहीं दिखाई।
कुछ जगहों पर रहेंगे हल्के बादल
सचिव ने भी देर शाम कहा कि जानकारी सबको भेज दी गई है। पर कंट्रोल रूप को पिथौरागढ़ डीएम का मेल मिलने पर जानकारी हुई।
अफसरों की ओर से कोई सक्रियता न होने पर कंट्रोल रूम भी इस सूचना को लेकर सक्रिय नहीं रहा। देर शाम जरूर पिथौरागढ़ डीएम का ई मेल मिलने की पुष्टि की गई।
जब भी कोई अलर्ट जारी होता है तो सबको उसकी सूचना दे दी जाती है। इस अलर्ट की जानकारी मुझे है और सबकों इस बारे में बता दिया गया है।
- भास्करानंद जोशी, सचिव आपदा प्रबंधन
धूप खिली, उछला पारा
दो दिन तक बारिश और बर्फबारी के दौर के बाद रविवार को उत्तराखंड के बड़े इलाके में चटख धूप खिली। मौसम विभाग ने सोमवार को भी राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है।
प्रदेश में कुछ जगहों पर हल्के बादल रहेंगे, लेकिन ज्यादातर क्षेत्रों में आसमान साफ रह सकता है। कोहरे और ठंड हवाओं के चलते पारा करीब पांच डिग्री तक गिर सकता है।