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नागपंचमी पर भूलकर भी न करें ये काम, नहीं तो हमेशा रहेगा सांपों से खतरा

Thu, 27 Jul 2017 05:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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nagpanchmi
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गुरुवार को नाग पंचमी मनाई जाएगी। श्रावण माह की शुक्ल पंचमी को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। 
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पंचमी तिथि के देवता नाग ही हैं। भगवान शिव को सांपों का देवता माना जाता है। इसल‌िए इस द‌िन भूलकर भी नाग देवता का अपमान न करें। कही भी सांप द‌िखे तो उसे दूध प‌िलाएं। कहा जाता है क‌ि अगर इस द‌िन सापों का अपमान क‌िया तो हमेशा ही सांपों से खतरा बना रहा है। 


नाग पंचमी पर ऊं नम: शिवाय और महामृत्युंजय मंत्रों का सुबह-शाम जाप करना चाहिए। आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार 27 जुलाई को प्रात: 7 बजकर 5 मिनट तक भद्रा है। शुभ मुहूर्त को भद्रा में त्याग देना चाहिए। इस दिन भूलोक की भद्रा है। 
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रुद्राभिषेक कर इन नौ प्रकार के नागों की प्रतिमा को करें नदी में प्रवाह

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पंचमी तिथि प्रात: 7.05 मिनट पर प्रारंभ होगी, जो कि 28 जुलाई को प्रात: 6.38 मिनट तक रहेगी। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुलवासियों को कालिया नाग से बचाया था।

​डा. आचार्य सुशांत राज के अनुसार नाग पंचमी पर अपने गृह द्वार की दहलीज के दोनों ओर गोबर की सर्पाकृति बनाकर पूजा की जाती है। इस दिन सर्पों को दूध, दही, घी, शक्कर, शहद आदि से स्नान करा प्राण-प्रतिष्ठा कर पूजा करनी चाहिए। इस दिन नाग देवता की पूजा और ब्राह्मणों को भोजन कराने से सर्पों का भय नहीं रहता। 

रुद्राभिषेक कर इन नौ प्रकार के नागों की प्रतिमा को करें नदी में प्रवाह
अनंत, वासुकी, तक्षक, कर्कोट, महापद्म, नील, शंखपाल, कुलक, कालिय
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इस मंत्र का करें जप

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ऐसे करें पूजन
सोना, चांदी, तांबा, पीतल आदि निर्मित नव नागों का पूजन करें
नागों को जलाशय में प्रवाह करें, बाद में स्नान करें
पहने हुए वस्त्रों का त्याग करें
नवीन वस्त्र धारण करें
नाग स्तोत्र का पाठ करें
घर के मुख्य द्वार पर गोबर की सर्पाकृति बनाकर उसकी पूजा करें
 
इस मंत्र का करें जप
ऊं कुरू कुल्ये हुं फट स्वाह
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