देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में लोकभवन कूच के दौरान बैरिकेडिंग पार करने और मुख्य गेट खोलने का प्रयास करने के आरोप में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। कैंट थाना पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह समेत अन्य नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, 15 अक्तूबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से घंटाघर तक कैंडल मार्च निकालने और जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन भेजने की योजना बनाई थी। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता एनएक्ससी बैरियर पर एकत्र होकर दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से हटाने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। गणेश गोदियाल और हरक सिंह रावत के नेतृत्व में शुरू हुए प्रदर्शन में बाद में प्रीतम सिंह, हरीश रावत और अन्य कार्यकर्ता भी पहुंच गए।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के कारण कार्यकर्ताओं को बैरिकेडिंग पार नहीं करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के निर्देशों की अवहेलना करते हुए बैरिकेडिंग पार की और लोकभवन के मुख्य गेट तक पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने गेट पकड़कर उसे जबरन खोलने का प्रयास किया और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। इससे पुलिस के सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
पुलिस के अनुसार, मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर प्रदर्शनकारियों को समझाने और हटाने का प्रयास किया गया। इसके बाद दोपहर करीब 2:35 बजे सभी प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया। कैंट थाना प्रभारी संतोष सिंह कुंवर ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ये हैं नामजद
गणेश गोदियाल, हरीश रावत, प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत, गरिमा मेहर दसोनी, ज्योति रौतेला, राजकुमार, लालचंद शर्मा, आशा मनोरमा शर्मा, सुजाता पॉल, विनोद चौहान, मोहन कुमार काला, सूरज छेत्री, गोदावरी थापली, स्वाति नेगी, मनीष गौनियाल, प्रतिमा सिंह, राजेंद्र शाह, अश्वनी बहुगुणा, पीयूष जोशी, चंद्रकला नेगी, गुल मोहम्मद, गोपाल सिंह गढ़िया, ललित भद्री, रितेश छेत्री, सुरेंद्र सिंह रांगड़, सुनीत सिंह राठौड़, हरी कृष्ण भट्ट, दीपक मधवाल, पुष्पा पंवार।