एसएसपी जोशी ने बताया कि डीएल तो मथुरा के शेरगढ़ निवासी अकरम का था, जबकि कार मथुरा के शेरगढ़ निवासी अकरम के नाम पंजीकृत थी। वहीं पहचान पत्र आमीन के नाम था। इस पर पुलिस टीम को मथुरा जांच के लिए भेजा गया था। इसी बीच पता चला कि अकरम घटना की रात गांव में ही था, जबकि उसका छोटा भाई आमीन कार लेकर दून आया था।
सूचना के आधार पर आमीन और उसके साथी आफताब खान निवासी नगला कानपुर पलवल (हरियाणा) को मथुरा में हसनपुर जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने एटीएम काटकर 15 लाख रुपये चुराने की बात स्वीकार की। घटना के बाद पांच लोगों के हिस्से में 2.90-2.90 लाख रुपये आए थे।
पुलिस ने आमीन और आफताब के पास से करीब तीन लाख 20 हजार रुपये की नगदी, कार, मोबाइल अन्य कागजात बरामद किए। फरार सरगना मौहम्मद हाशिम उर्फ मुच्छल निवासी मौहम्मपुर मेवात, शौकत निवासी शिकारपुर मेवात, तालीम निवासी नगला कानपुर पलवल की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। एसपी सिटी श्वेता चौबे और सीओ विवेक कुमार इस दौरान मौजूद रहे।
चेकिंग में पुलिस को गच्चा दे गया था गैंग
एटीएम कटिंग गैंग पुलिस को गच्चा देकर निकलने में कामयाब हो गया था। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि घटना के बाद शहर क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया था। कार में मौजूद पांचाें बदमाशाें को क्लेमेंटटाउन एसओ नरोत्तम बिष्ट ने आशारोडी चौकी पर रोक लिया था। कार के नंबर की जांच की गई तो वह दून क्षेत्र का पाया गया।
चालक ने पूछने पर कार मालिक का नंबर बता दिया था, लेकिन वो आरसी नहीं दिखा पाए थे। पुलिस को कार की तलाशी में कुछ संदेहास्पद नहीं मिला था। फिर भी पुलिस ने चालक का डीएल और आधार कार्ड कब्जे में ले लिया था। सीसीटीवी फुटेज में कार सामने आई तो पूरा केस खुलता चला गया।
शातिर मुच्छल ने दून की एक स्विफ्ट डिजायर कार के मालिक के बारे में जानकारी जुटाने के बाद घटना के लिए फर्जी नंबर प्लेट तैयार कराई थी। इसी वजह से वह पुलिस को मात देने में कामयाब हो गए, अन्यथा उसी रात पूरा गैंग गिरफ्तार हो जाता।
गैंग ने लूट के 15 लाख रुपये कार चालक सीट की खिड़की के पेंच खोलकर रख दिए थे। एसएसपी ने बताया कि स्विफ्ट डिजायर में खिड़की के अंदर एक लॉकर होता है। इसकी जानकारी पुलिस को नहीं थी। यह भी पता चला कि मुच्छल हर घटना में स्विफ्ट डिजायर कार का ही इस्तेमाल करता है।
फ्लाइट से दून आया था हाशिम
पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने पूछताछ के बाद बताया कि हाशिम उर्फ मुच्छल घटना को अंजाम देने फ्लाइट से देहरादून पहुंचा था। मुच्छल ने अपने साथियाें को कार में वेल्डिंग का सामान लाने के लिए कहा था। साथ ही दून की नंबर प्लेट भी बनवाई थी। गैंग 25 की सुबह दून आया था, जबकि हाशिम फ्लाइट से जौलीग्रांट उतरा था। इसके बाद थानों रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर गिरोह एकत्र हुआ और फिर त्यागी रोड पर एक कमरा किराये पर लिया था।
गैंग ने 26 और 27 अक्तूबर को दिन में देहरादून और मसूरी में एटीएम की रैकी थी। इसी बीच एसबीआई का एटीएम एकांत में मिला तो वारदात के लिए उसे चुना गया। इस दौरान पता चला कि एटीएम में कोई गार्ड भी नहीं था। रात में एटीएम काटकर चार कैश ट्रे निकली गईं। मसूरी डाइवर्जन से पहले एक पुल पर मुच्छल ने कैश ट्रे खोलकर सारी रकम निकाल ली। कैश ट्रे को वहां फेंकने के साथ वेल्डिंग का सामान कुआंवाला के जंगल में छिपा दिया गया।
अगस्त में सोलन में काटा था एटीएम
एसपी सिटी चौबे ने बताया कि मुच्छल से अगस्त माह में अपने साथियों के साथ हिमाचल प्रदेश के सोलन में वेल्डिंग मशीन से एटीएम मशीन काटकर साढ़े तीन लाख रुपये उड़ाए थे। इस मामले में सद्दाम जेल में है। जबकि मुच्छल और आफताब वांछित हैं। मुच्छल ने सद्दाम के छोटे भाई शौकत की मदद से एटीएम कटवाया था। दोनों भाई वेल्डिंग का काम करते हैं। आफताब का कहना था कि हाशिम उर्फ मुच्छल लंबे समय से इस धंधे में लिप्त है।
नियमाें का पालन न करने पर होगी कार्रवाई
एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने कहा कि आरबीआई के नियमाें का पालन न करने वाले बैंक अथवा सिक्योरिटी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बिना गार्ड के एटीएम चलाने वाले बैंकों को कई बार नोटिस जारी किए गए जा चुके हैं। ऐसे में बैंकों को भी एटीएम की सुरक्षा के प्रति गंभीर होना होगा। आरोपियों को जल्द रिमांड पर लेकर नए सिरे से पूछताछ की जाएगी।