सिफारिश के बाद भी शिक्षकों को नहीं मिल रहा समान लाभ
अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में पूर्व से कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाचार्यों से विकल्प भरवाकर अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने की सहमति ली गई थी। जिन शिक्षकों ने अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने की सहमति दी उनके कार्यों का परीक्षण करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में एक चयन समिति बनाई गई। इस समिति ने साक्षात्कार के माध्यम से शिक्षकों को चयनित कर विभाग को अपनी सिफारिश भेजी, लेकिन शिक्षकों को समान लाभ नहीं मिल रहा ।
शासन ने इस तरह से की है व्यवस्था
अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के शिक्षकों के मुताबिक चयनित शिक्षकों की सुगम की एक साल की सेवा को दुर्गम की सेवा में जोड़ा जा रहा है। वहीं उनकी दुर्गम विद्यालय में की गई एक साल की सेवा को दुर्गम की दो साल की सेवा के रूप में जोड़ा जा रहा है। जबकि इन विद्यालयों में पूर्व से कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवा को विद्यालय यदि सुगम में है तो सुगम और यदि दुर्गम में है तो दुर्गम सेवा के रूप में जोड़ा जा रहा है।
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सुगम क्षेत्र के विद्यालयों में दोहरी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, विद्यालय सुगम है तो सेवा सुगम में ही शिक्षकों की सेवा जोड़ी जानी चाहिए। शिक्षकों के लिए समान व्यवस्था हो इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। -महावीर सिंह बिष्ट, शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा