यात्रियों की सहायता के लिए पहुंचे अधिकारी कर्मचारी
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने तकनीकी खराबी की पुष्टि करते हुए बताया कि इसमें सवार तमिलनाडु के शिवाजी, उलु बैंकटचलम, महेश्वरी, सुंदरा राज, समुति और मयूर बाघवानी सुरक्षित हैं। इन यात्रियों को बाद में मंदिर पहुंचाकर दर्शन कराए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने हेलिकॉप्टर की उड़ान पर रोक लगा दी है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन एवं विकास प्राधिकरण के सीईओ सी रविशंकर ने बताया कि हादसे की रिपोर्ट डीजीसीए को भेज दी गई है। डीजीसीए की टीम तकनीकी जांच करेगी। उनकी रिपोर्ट के बाद ही क्रिस्टल कंपनी की हेली सेवाओं पर निर्णय होगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल इस कंपनी के यात्रियों को हिमालयन व एयरो कंपनी को बांट दिया गया है।
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हमने केदारनाथ में इमरजेंसी लैंडिंग प्रकरण पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण से जानकारी मांगी है। प्राधिकरण ने डीजीसीए को पूरा ब्योरा उपलब्ध करा दिया है। तकनीकी खराबी के बाद पायलट ने सूझ-बूझ से लैंडिंग कराई। सौभाग्य से पायलट समेत सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं। हमारे लिए यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री