सीएम हेल्पलाइन को अधिकारी कितनी गंभीरता से लेते हैं, 27 जून को की गई शिकायत और उसके कथित निस्तारण को देखकर साफ दिखाई देता है। निरंजनपुर मंडी निवासी संजीव कुमार की अतिक्रमण की शिकायत को एक महीने बाद यह कहते हुए निस्तारित कर दिया गया कि अतिक्रमण हटा दिया गया है लेकिन धरातल पर स्थिति पूर्ववत है।
संजीव के अनुसार प्रीत विहार में नगर निगम की 18 फीट चौड़ी सड़क पर छह फीट आगे बाउंड्रीवॉल बढ़ाकर कब्जा किया गया है। इस संबंध में एमडीडीए को मामले की शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। संजीव ने 27 जून को सीएम हेल्पलाइन पर मामला दर्ज कराया। मामला नगर निगम से जुड़ा होने की वजह से प्रशासन ने यह शिकायत नगर निगम को निस्तारण के लिए भेज दी। मामला नगर निगम के संज्ञान में पहुंचा तो निगम से टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच की लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया। दो दिन पूर्व पोर्टल पर इस शिकायत का निस्तारण दर्ज करा दिया गया। संजीव का कहना है कि उसने नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क किया। आरोप है कि अधिकारियों ने कहा कि शिकायत की निर्धारित समय-सीमा पूरी होने को थी इस वजह से शिकायत निस्तारण दर्ज किया गया। साथ ही यह भी बताया कि यह मामला नगर निगम नहीं एमडीडीए का है।