नौ जून से गैरसैंण में होने जा रहे तीन दिवसीय विधानसभा सत्र का एजेंडा तय हो गया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हाल ही सरकार चला रहे कुछ विधायकों को जो अतिरिक्त पद बांटे थे उन्हें लाभ के दायरे से बाहर करने के लिए संशोधन विधेयक लेकर आ रही है।
इस सत्र में चार विधेयक पेश होंगे। जिसमें राज्य अधीनस्थ्ज्ञ सेवा चयन आयोग के गठन का विधेयक भी शामिल है। विधानसभा सचिवालय में आए प्रश्नों की छटाई के बाद नब्बे प्रश्न सदन में आएंगे।
ढाई हजार करोड़ का अनुपूरक बजट होगा पेश
हरीश रावत सरकार की ओर से बुलाए गए पहले सत्र में उन विभागों के अनुपूरक बजट भी पेश होंगे जिन्हें मुख्यमंत्री ने सृजित किया है।
सत्र के पहले ही दिन नए विभागों के लिए आवंटित ढाई हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। चार विधेयकों में राज्य विधानमंडल अनर्हता निवारण संशोधन विधेयक और अधिकारियों के वेतन एवं भत्ते विधेयक भी शामिल है।
सरकारी पदों को लाभ के दायरे से बाहर करने केलिए राज्य विधानमंडल अनर्हता संशोधन विधेयक 2014 के नाम से दो विधेयक लाए जाएंगे।
सत्र में उठेंगे नब्बे सवाल
सदन में कुल नब्बे सवाल उठाए जाने हैं। जिनमें 19 तारांकित प्रश्न और 71 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। सत्र के अंतिम दिन आधा दिन असरकारी प्रस्तावों पर चर्चा के लिए रखा गया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष की ओर से पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे व संकल्प प्रस्ताव की भी छूट दे रही है।
सरकार की ओर से इस सत्र को कृषि और शिक्षा पर फोकस बताया जा रहा है लिहाजा चर्चा के लिए कोई प्रस्ताव आ सकता है।
लाभ के दायरे से बाहर होंगे बांटे गए पद
सरकार विधायकों को बांटे गए पदों को लाभ के पद के दायरे से बाहर रखने के लिए एक्ट लाएगी।
इन पदों में शामिल हैं आवास विकास परिषद व आवास निधि, आपदा पुनर्निर्माण क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति, राज्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास परिषद, राज्य स्तरीय जिला योजना अनुश्रवण एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति, पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद एवं पिछड़ा वर्ग निधि अनुश्रवण।
इसके अतिरिक्त तीर्थाटन प्रबंधन एवं धार्मिक मेला परिषद, सीमांत क्षेत्र कार्यक्रम अनुश्रवण परिषद, हरिद्वार/रुड़की विकास प्राधिकरण, राज्य खनिज विकास परिषद, राज्य सलाहकार संविदा श्रम बोर्ड, एससीएसपी व टीएसपी अधिनियम अनुपालन व अनुश्रवण समिति, समाज कल्याण व राज्य संपत्ति विभाग के सलाहकार शामिल हैं।