सदन में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है प्रदेश सरकार ने 18 मार्च की तरह एक बार फिर से लोकतंत्र व कानून को तार-तार कर दिया है। विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव लंबित था, उसको खारिज करते सरकार ने कोर्ट की अवमानना की है।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बागी विधायकों की अर्जी पर सुनवाई के दौरान कहा है कि जब तक इस मामले का निस्तारण नहीं हो जाता, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला भी लंबित रहेगा।
विधानसभा में बृहस्पतिवार पत्रकारों से बातचीत के दौरान अजय भट्ट ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ने नव प्रभात को पीठासीन अधिकारी बनाने की घोषणा कर दी। यह सामान्य परिस्थिति नहीं थी, क्योंकि स्पीकर व डिप्टी स्पीकर दोनों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लंबित है। ऐसे में स्पीकर के रूप में कौन कार्य करेगा, इसका फैसला तो राज्यपाल ही कर सकते हैं।