गैरसैंण में होने जा रहे विधानसभा सत्र के हंगामेदार होने और उत्तराखंड की राजनीति का रणक्षेत्र बनने के पूरे आसार हैं। लोकसभा चुनाव की जीत से लबरेज भाजपा विधायकों का सीधा निशाना राज्य सरकार पर होगा।
भाजपा के तरकश में मुख्यरूप से हरीश रावत सरकार के करीब तीन महीनों के कार्यकाल के दौरान की गई घोषणाएं शामिल हैं जिनकी जमीनी हकीकत पर भाजपा विधायक सवाल खड़े करेंगे।
वहीं पुरानी विजय बहुगुणा सरकार की ओर से आपदा प्रभावितों के लिए की गई घोषणाओं पर सवाल उठाएंगे।
सरकार को घेरने के लिए विपक्ष का पैनल
नौ जून से शुरू हो रहे सत्र के मद्देनजर नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने सदन के अंदर की रणनीति तय करने के लिए गैरसैंण में आठ जून को विधायकों की बैठक बुलाई है।
सरकार ने गैरसैंण सत्र को कृषि और शिक्षा पर फोकस रखकर प्रस्ताव लाने की तैयारी की है जबकि विपक्ष उसे खारिज करने के लिए अपने कुछ विधायकों का पैनल बनाने की तैयारी कर रहा है।
चारधाम यात्रा बनेगी मुद्दा
भाजपा चारधाम यात्रा में आ रही श्रद्घालुओं को आ रही दिक्कतों और सड़क मार्ग को मुद्दा बनाने की तैयारी में है। भाजपा आपदाग्रस्त क्षेत्रों में अब तक किए गए खर्च का ब्यौरा भी सकरार से मांग सकती है।
प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत का कहना है कि कांग्रेस सरकार को भ्रष्टाचार, आपदा एवं उपनल से जुड़े करोड़ों के घोटालों एवं लचर कानून व्यवस्था को लेकर सदन को घेरने की तैयारी है।
गैरसैंण में आयोजित सत्र में सांसद बने भाजपा के दो विधायक रमेश पोखरियाल निशंक और अजट टम्टा मौजूद नहीं होंगे।