उत्तराखंड में निवेशकों के लिए भू-उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) की राह आसानी होगी। सरकार ने निवेशकों की दिक्कतों को देखते हुए उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम) संशोधन विधेयक सदन में पेश किया है। इसके अलावा उत्तराखंड उद्यम एकल खिड़की सुगमता और अनुज्ञापन अधिनियम, उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा अग्नि निवारक और अग्नि सुरक्षा संशोधन विधेयक भी पटल पर रखे हैं।
उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम) संशोधन विधेयक में सरकार निवेशकों के लिए लैंड यूज चेंज को आसानी करनी जा रही है। धारा 154 के तहत गैर कृषि प्रयोजन के लिए खरीदी गई भूमि, किसी भी विकास प्राधिकरण की ओर से गैर कृषि कार्यों के लिए स्वीकृत नक्शा और सिंगल विंडो सिस्टम से स्वीकृत निवेश प्रस्तावों के आधार पर एसडीएम को सात दिन के भीतर कृषि भूमि को किसी अन्य उपयोग में लाने की घोषणा का अधिकार दिया गया। घोषणा के तीन दिन के भीतर भू-उपयोग को खतौनी में दर्ज किया जाएगा।
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उत्तराखंड उद्यम एकल खिड़की सुगमता और अनुज्ञापन अधिनियम में संशोधन विधेयक में सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए एनजीओ प्रक्रिया पूरी करने के लिए तीन साल का समय देने जा रही है। इस अवधि के दौरान उद्योगों का कोई निरीक्षण नहीं होगा। साथ ही विभिन्न विभागों से एनओसी के लिए कॉमन एप्लीकेशन की व्यवस्था की जाएगी।