अरुणाचल प्रदेश में आसाम राइफल्स में तैनात पीपली के चकद्वारी (कनालीछीना) के दीवान सिंह उग्रवादियों के हमले में शहीद हो गए। बृहस्पतिवार को सैनिक सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई। शहीद अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, पुत्र और पुत्री छोड़ गए हैं।
शहीद के मौसा गैडालीनाडू के निवर्तमान ग्राम प्रधान बलवंत सिंह धामी ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के जयरामपुर में तैनात दीवान 30 सितंबर को सैन्य टुकड़ी के साथ पेट्रोलिंग पर थे। इसी दौरान, उग्रवादियों ने घात लगाकर सैन्य टुकड़ी पर फायरिंग कर दी।
शहीद को सशस्त्र सलामी
हमले में दीवान सिंह शहीद हो गए। शहीद का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को यहां पहुंचा। उनके पार्थिव शरीरको लेकर आए हवलदार गोविंद सिंह ने बताया कि दीवान सिंह ने अंतिम सांस तक उग्रवादियों से लोहा लिया।
चकद्वारी श्मशानघाट में नौ जैकलाई की सैन्य टुकड़ी ने शहीद को सशस्त्र सलामी दी। पार्थिव शरीर को मुखाग्नि शहीद के पुत्र करन सिंह (8) और चचेरे भाई मोहन सिंह ने दी। शहीद की पत्नी मंजू देवी के साथ परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।