एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने नौ शहरों के लिए 1500 करोड़ के लोन को सैद्घांतिक सहमति दे दी है। डिपार्टमेंट ऑफ इकानॉमिक अफेयर ने राज्य सरकार से नए प्रारूप पर जल्द से जल्द प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है।
1500 करोड़ के लोन से दून, हरिद्वार समेत उत्तराखंड के नौ शहरों में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर काम होगा। एडीबी से सैद्घांतिक सहमति उस समय मिली है, जबकि उसका एक प्रोजेक्ट सप्ताह भर पहले ही उत्तराखंड में समाप्त हुआ है। नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने सैद्घांतिक सहमति की पुष्टि की है। एडीबी के प्रोग्राम डायरेक्टर/ अपर सचिव नगर विकास चंद्रेश कुमार यादव के मुताबिक, नए प्रारूप पर जल्द ही प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा।
दरअसल, एडीबी का एक प्रोजेक्ट इसी महीने की 23 तारीख को खत्म हुआ है। इस प्रोजेक्ट में देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, रामनगर, हल्द्वानी और नैनीताल जैसे शहरों में करीब एक हजार करोड़ रुपये से निर्माण कार्य हुए हैं। इस प्रोजेक्ट के खत्म होने के बाद एडीबी के नए प्रोजेक्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।
इसकी सैद्घांतिक सहमति मिलने के बाद अब उत्तराखंड जल्द से जल्द सभी औपचारिकता पूरी करने में जुट गया है। पूर्व में एडीबी के दो चरणों में स्वीकृत कार्य न होने के कारण करीब 1300 करोड़ का बजट लैप्स हो गया था। एडीबी ने राज्य सरकार से लोन का नया प्रस्ताव लाने के लिए कहा था।
इन शहरों में बढे़ंगी सुविधाएं
देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, रामनगर, नैनीताल, हल्द्वानी, काशीपुर, कोटद्वार और रुद्रपुर।
गुणवत्ता पर होगा खास ध्यान
एडीबी या वर्ल्ड बैंक जैसी फंडिंग एजेंसी से राज्य सरकारों को लोन केंद्र सरकार के माध्यम से ही मिलता है। डिपार्टमेंट ऑफ इकानॉमिक अफेयर इस मामले में फंडिंग एजेंसी और संबंधित राज्य सरकार के बीच सेतु का काम करता है। इस डिपार्टमेंट की ओर से उत्तराखंड सरकार को नए फार्मेट पर प्रस्ताव भेजने के निर्देश के खास मायने हैं। दरअसल, एडीबी इस प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने से पहले सुविधाओं में गुणवत्ता का स्तर क्या होगा, इससे संबंधित विस्तृत जानकारी भी चाहता है। मसलन, इस प्रोजेक्ट में शहरों में 24 घंटे सातों दिन पानी देने की योजनाओं का भी जिक्र किया गया है। एडीबी इसकी जानकारी भी चाहता है कि सप्लाई किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता का स्तर क्या होगा।
शहरों में सुविधाएं और उनका स्तर बढ़ाने पर सरकार का पूरा फोकस है। एडीबी से लोन की प्रक्रिया हमने सरकार में आते ही शुरू कर दी थी। इसे सैद्घांतिक सहमति मिल गई है। हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही एडीबी के साथ इस संबंध में करार करने की स्थिति में होंगे।
- मदन कौशिक, नगर विकास मंत्री
डिपार्टमेंट ऑफ इकानॉमिक अफेयर की चिट्ठी हमें मिली है। इसके आधार पर नए प्रारूप पर प्रस्ताव भेजने की हमारी तैयारी है। लोन के संबंध में एडीबी और केंद्र सरकार से हमारी लगातार बात हो रही है। हमने पूर्व में जो प्रस्ताव भेजा था, उस पर एडीबी की सैद्घांतिक सहमति है।
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चंद्रेश यादव, प्रोग्राम डायरेक्टर एडीबी/अपर सचिव नगर विकास