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'परिवार को कभी नहीं लाऊंगा उत्तराखंड'

Mon, 17 Feb 2014 10:30 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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'काम तो ठीक है, लेकिन सैर सपाटे के लिए परिवार को इन टूटे-फूटे रास्तों पर कभी नहीं लाऊंगा।'
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उनके दिल को छू गई खूबसूरती
उत्तराखंड की बदहाल सड़कों पर यह टिप्पणी है मशहूर फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की। हालांकि, यहां की खूबसूरती उनके दिल को छू गई। कहा कि ऐसी खूबसूरती उन्होंने कभी नहीं देखी। हिमाचल और कश्मीर में भी नहीं।

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आशुतोष इन दिनों टीवी शो ‘एवरेस्ट शो’ की शूटिंग के सिलसिले में पहाड़ की मुश्किल राहों से रू-ब-रू हो रहे हैं। देहरादून में पत्रकारों से उन्होंने कहा कि मैं काम के सिलसिले में आया हूं। इसलिए रास्ता जैसा भी हो, मुझे चलना ही है।
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लेकिन परिवार के साथ इन रास्तों पर रिस्क नहीं ले सकता। कहा कि आपदा में सबकुछ खोने और तमाम दुश्वारियों के बावजूद यहां के लोगों का जज्बा बेमिसाल है।
 
उत्तराखंड से अनजान रहे फिल्म मेकर
आशुतोष ने कहा कि उत्तराखंड जब तक यूपी का हिस्सा था तब तक किसी का ध्यान इधर नहीं गया। टूरिज्म डेवलप नहीं होना भी इसकी प्रमुख वजह रही। इसलिए फिल्म मेकर उत्तराखंड से अनजान रहे।

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उन्होंने बताया कि 1986 में जब जम्मू-कश्मीर में दिक्कत हुई तो फिल्म बनाने वाले यूरोप चले गए, क्योंकि उन्हें उत्तराखंड के बारे में कुछ पता नहीं था।

‘एवरेस्ट शो’ में दून के 25 कलाकार
एवरेस्ट शो पर्वतारोहियों पर आधारित है। इसकी शूटिंग उत्तरकाशी, हर्षिल, दून आदि जगहों पर होगी। इसमें दून से 25 थियेटर आर्टिस्ट को मौका मिला है।

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उत्तराखंड के बाद मुंबई, नेपाल और न्यूजीलैंड में इसकी शूटिंग होगी। आशुतोष ने बताया कि नाटक में पहनावा, बोली और लोकेशन के जरिये उत्तराखंड की झलक दिखेगी।
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पहले छिपाई जाती थी लोकेशन
एक सवाल के जवाब में आशुतोष ने कहा कि पुराने समय में फिल्म मेकर शूटिंग की लोकेशन को छिपा कर रखते थे। उन्हें लगता था कि लोकेशन उन्होंने तलाशी है तो दूसरे को इसका फायदा नहीं मिलना चाहिए। अब समय बदल गया है।

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नाटक या फिल्म से पहले उस जगह का नाम, पहचान आदि बताया जाता है। यह फिल्म और उस जगह दोनों के लिए फायदेमंद होता है।
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