इमरजेंसी गेट टूटने को लेकर कर्मचारी जहां इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। महाप्रबंधक दीपक जैन का कहना है कि यात्रा के दौरान किसी यात्री ने इमरजेंसी गेट के लीवर के साथ छेड़खानी कर दी। जिसकी वजह से इमरजेंसी गेट टूट गया। कंपनी की ओर से बस की छत पर इमरजेंसी गेट लगाए गए हैं।
ताकि बस के दुर्घटनाग्रस्त होने व पलटने की स्थिति में यात्री इस गेट का इस्तेमाल कर सुरक्षित बाहर निकल सकें। पिछले दिनों अशोक लीलैंड कंपनी की कई बसों के मड गार्ड के नीचे लगी वायरिंग निकल गई थी। रोडवेज प्रबंधक की सूचना पर कंपनी विशेषज्ञों की टीम ने मरम्मत की थी।