आषाढ़ शुक्ल एकादशी आज (शुक्रवार) से भगवान विष्णु जी शयन के लिए चले जाएंगे। इस दौरान चार महीनों तक हर प्रकार के शुभ कार्यों पर ब्रेक लग जाएगा।
इसके बाद भगवान विष्णु कार्तिक शुक्ल पक्ष यानी 11 नवंबर को ही जागेंगे और फिर शुभ कार्यों की शुरुआत होगी।
उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी ने बताया कि इन चार महीनों में संत-महात्मा एक ही जगह पर ठहर कर प्रभु का ध्यान करते हैं। इस दौरान शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
डॉ. आचार्य सुशांत राज के अनुसार भगवान विष्णु जी के शयन के साथ ही देवशयनी एकादशी की शुरुआत होती है। ऐसे में चार महीने तक मुंडन, गृह प्रवेश, शादी-ब्याह आदि शुभ कार्य नहीं होते हैं। देवोत्थान एकादशी के दिन भगवान विष्णु नींद से जागेंगे और इसके बाद ही शुभ कार्य शुरू होंगे।