कुपोषित बच्चों, दिव्यांगों, मानसिक रूप से कमजोर और बीमारों को अब सरकार उनके घर के पास स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगी। इसके तहत प्रत्येक ब्लॉक में मल्टी स्पेशलिटी स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे। विशेष उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों को चिन्हित कर अस्पतालों में मुफ्त उपचार की सुविधा दी जाएगी।
एनएचएम के तहत स्वास्थ्य विभाग अब प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कई तरह के कैंप आयोजित करने जा रहा है। शुरूआत में देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार को छोड़कर शेष 10 पहाड़ी जिलों में स्क्रीनिंग कैंप लगाए जाएंगे। इसमें अलग-अलग बीमारियों के मरीजों को चिन्हित कर सूची तैयार कर ली जाएगी।
ऑपरेशन या अन्य आवश्यकता वाले मरीजों के लिए दो माह बाद कैंप आयोजित किया जाएगा। इसके बाद मल्टी स्पेशलिटी कैंप लगाए जाएंगे। प्रत्येक ब्लॉक में दो बार यह कैंप लगेंगे। इसमें दिव्यांग व मानसिक कमजोरी का प्रमाण पत्र भी बनाया जाएगा। दिव्यांगों को उनकी जरूरत के उपकरण और 40 से अधिक उम्र के लोगों को आवश्यकता के अनुसार चश्मा प्रदान किया जाएगा।
जिलों में सर्विस कैंप भी आयोजित किए जाएंगे। जिसमें सरकारी अस्पताल से एक मेल, एक फीमेल, एक स्पेशलिस्ट और दो निजी अस्पतालों के डॉक्टर शामिल किए जाएंगे। यह लगातार संबंधित जिलों में जाकर फॉलोअप भी करेंगे।
कुछ शिविरों के आयोजन और मोबाइल हेल्थ वैन के संचालन के लिए प्राइवेट पार्टनर से भी सहयोग मांगा गया है। मोबाइल वैन में एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट और एक टेक्नीशियन तैनात है। यह शिविर लोगों के लिए खासे फायदेमंद साबित होंगे।
- डा. अजीत गैरोला, एडवाइजर, एनएचएम