नैनीताल स्थित आर्य भट्ट वेधशाला के पूर्व निदेशक रामसागर और मुख्य सलाहकार डॉ. एएल संधल ने मंगलवार को सीबीआई अदालत में सरेंडर कर दिया। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
संस्थान में हुई भर्तियों में अनियमितता
(आर्य भट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेज एंड टेक्नालाजी (संक्षिप्त नाम एरीज) के इन दो वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप है कि करीब सात साल पहले इन्होंने संस्थान में हुई भर्तियों में अनियमितता बरती।
वर्ष 2008 में घपले का खुलासा हुआ था। नैनीताल हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। दोनों अधिकारियों को तब पद से हटा दिया गया था। सीबीआई ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
देहरादून की सीबीआई अदालत में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। इसके बाद अदालत ने रामसागर और डॉ. एएल संधल के खिलाफ समन जारी किए थे।
मंगलवार को दोनों आरोपी अदालत में पेश हुए। दोनों ने जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।