उत्तराखंड की आपदा से सबक लेकर अब सेना कहीं भी आपदा के हालत में स्थानीय प्रशासन या सरकार के बुलावे का इंतजार नहीं करेगी।
रैली में बोले सेना प्रमुख
देहरादून में गौरव सेनानी रैली में पहुंचे प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कहा कि आपदा की घड़ी में सेना का पहला कर्तव्य है कि जरूरतमंदों की मदद करे। बचाव कार्य के लिए सेना को किसी बुलावे के इंतजार नहीं करना चाहिए।
पूर्व सैनिकों की समस्याओं व उनके लिए चल रही कल्याण योजनाओं से अवगत करवाने के लिए सेना ने गढ़ी कैंट के महेंद्रा ग्राउंड में आयोजित दो दिवसीय रैली का सेना प्रमुख ने उद्घाटन किया।
बचाव कार्यों की प्रशंसा
जनरल ने कहा कि उत्तराखंड आपदा में सेना और पूर्वसैनिकों ने राहत एवं बचाव कार्य में जो भूमिका निभाई वह बेहद सराहनीय है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के कल्याण और पुनर्वास के लिए सेना कई योजनाएं चला रही है। अगर परिवार मजबूत होगा तो सैनिकों का मनोबल बढ़ेगा।
सेना खोलेगी वृद्धाश्रम
उन्होंने कहा कि केंद्र सहित राज्य सरकारें पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए सेना को भरपूर सहयोग दे रही हैं, जिससे हम कई नई योजनाएं पूर्व सैनिकों के लिए ला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि टेरिटोरियल आर्मी की नई कंपनियों में पूर्व सैनिकों को राज्य सरकार तरजीह दे। प्रत्येक राज्य में पूर्वसैनिकों के लिए वृद्धाश्रम खोले जाने का प्रस्ताव है।
रैली में मुख्य सचिव उत्तराखंड सरकार सुभाष कुमार ने उत्तराखंड आपदा में सेना के मिले सहयोग की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों को गृहकर में छूट देने के साथ सीएसडी कैंटीन से वाहन खरीदने पर वैट में छूट, भूमि खरीद पर स्टांप ड्यूटी में छूट और रेंट कंट्रोल एक्ट में संशोधन के साथ 4 इको टास्क फोर्स कंपनियों का गठन करने पर जल्द सरकार फैसला लेगी।
दी गई जानकारी
इससे पहले मध्य कमान लखनऊ के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल राजन बक्शी ने सैनिक पुनर्वास, आवासीय, मेडिकल कैंप और सिविल मिलिट्री लाइजनिंग के बारे में पूर्व सैनिकों को अवगत करवाया।
रैली में चार हजार पूर्व सैनिक पहुंचे थे। सेना ने 100 वीर नारियों और पूर्वसैनिकों को सम्मानित किया और विकलांग सैनिकों को तिपहिया स्कूटर वितरित किये।