लद्दाख से चारधाम होते हुए धारचूला तक सड़क मार्ग बनाया जाएगा। भारतीय सेना इस दिशा में तेजी से काम कर रही है।
इसके अलावा सेना सीमा से 100 किमी की परिधि में सद्भावना अभियान चलाएगी, जिसके तहत पहाड़ के लोगों को सामुदायिक सेवाएं प्रदान की जाएंगी। सेना के मध्य कमान के एमजीजीएस मेजर जनरल राजीव पंत ने शनिवार को बीजापुर अतिथि गृह में मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर तमाम अहम मुद्दों पर चर्चा की।
मेजर जनरल पंत ने मुख्यमंत्री को राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में सेना की ओर से सहयोग का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री व एमजीजीएस के बीच हुई वार्ता के दौरान राज्य में आपदा प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाने को संयुक्त ढांचा बनाने पर सहमति बनी।
सीमावर्ती क्षेत्रों से हो रहे पलायन पर मुख्यमंत्री की चिंता पर सहमति जताते हुए मेजर जनरल पंत ने कहा कि पहाड़ों से पलायन न हो इसके लिए सेना लद्दाख से चारधाम को जोड़ते हुए टनल के माध्यम से धारचूला तक कनेक्टिविटी विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। यदि समय रहते योजना को पूरा कर लिया गया तो इससे जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं इन इलाकों में विकास की बेहतर संभावनाएं बनेगी।
मेजर जनरल पंत ने कहा कि सेना जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर उत्तराखंड में भी सीमा से 100 किमी के दायरे में ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत लोगों को सामुदायिक केंद्र, चिकित्सा सुविधा मुहैया कराएगी। इसके अलावा कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए यात्रियों की संख्या को दस गुना बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
मानसरोवर यात्रा के श्रद्धालुओं को आवाजाही में दिक्कत न हो, इसके लिए सेना की ओर से मार्गों का निर्माण किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छोटा कैलाश यात्रा को भी प्रोत्साहित कर रही है। यात्रियों को रियायती दरों पर हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध मुहैया कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने टनकपुर-जौलजीवि सड़क का मुद्दा भी उठाया। कहा कि यह संपर्क मार्ग न केवल आम जनता वरन सामरिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इस पर सहमति जताते हुए जनरल पंत ने कहा कि वे अपने स्तर पर भी प्रयास करेंगे।