सामरिक दृष्टि से भी सेना के लिए उत्तराखंड में नई फील्ड फायरिंग रेंज की स्थापना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चीन (तिब्बत) के साथ उत्तराखंड की 350 किलोमीटर लंबी सीमा है। चीन के सीमा पार पांच हवाई अड्डे, ल्हासा तक रेलवे लाइन (जिसका बॉर्डर तक निर्माण लगभग पूरा हो चुका है) है।
इसके अलावा चीन सड़कों का जाल पूरे तिब्बत में सीमा तक फैला चुका है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक चीन के पांच सैन्य माउंटेन डिवीजन सीमा के उस पार तैनात हैं। जबकि चीन सीमा के साथ पर्वतीय इलाके में कोई बड़ी फील्ड फायरिंग रेंज नहीं है, जिससे उत्तराखंड में नई रेंज की जरूरत है।
वहीं, चीन से सटी सीमा के चलते भारतीय सेना के लिए उत्तराखंड के पर्वतीय इलाके तोपों के अभ्यास के लिए सबसे बेहतरीन माने जा रहे हैं।